वैक्सीन की तरफ

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Edited By Amrit Vichar
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दिसंबर माह के प्रारंभ में जब कोरोना को लेकर शुरुआती खबरें आना शुरू हुईं तो किसी को यह अंदाजा नहीं था कि चार महीने बाद दुनिया ऐसी महामारी की चपेट में होगी जिसमें लाखों लोगों की जान पर ही बन आएगी। फिर चार माह के भीतर दुनिया में ढाई लाख लोगों की जान चली गई …

दिसंबर माह के प्रारंभ में जब कोरोना को लेकर शुरुआती खबरें आना शुरू हुईं तो किसी को यह अंदाजा नहीं था कि चार महीने बाद दुनिया ऐसी महामारी की चपेट में होगी जिसमें लाखों लोगों की जान पर ही बन आएगी। फिर चार माह के भीतर दुनिया में ढाई लाख लोगों की जान चली गई और करीब 37 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं। उस वक्त शायद इस बीमारी को लेकर चिकित्सा जगत भी ज्यादा सजग नहीं था क्योंकि इस बात का अंदाजा नहीं था कि बीमारी की भयावहता इस कदर बढ़ जाएगी।

मार्च महीने में जब स्पष्ट हो गया कि कोरोना ऐसी बीमारी है जिस पर किसी दवा का कोई असर नहीं है तो फिर वैक्सीन की तरफ बात शुरू हुई। हालांकि वैक्सीन को लेकर विश्वव्यापी प्रयास शायद इससे पहले शुरू हो गए हों मगर ऐसी कोई बात प्रत्यक्ष तौर पर सामने नहीं आई थी। इस बीच तमाम देशों में वैक्सीन को लेकर प्रयोग होने शुरू हुए और कुछ देशों में कोरोना के खिलाफ बनाई गई वैक्सीन का मानव पर प्रयोग भी शुरू हुआ। मगर अब तक कोरोना की वैक्सीन को लेकर किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका है।

इस बीच इजरायल से खबर आई है कि वहां के वैज्ञानिकों ने सार्स कोव-2 के खिलाफ एक एंटीवॉडी विकसित कर ली है जिसमें कोरोना के खिलाफ संघर्ष की क्षमता है। हालांकि इसका ट्रालय हुआ या नहीं, इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है। अगर ऐसा है तो यह खबर पूरे विश्व के लिए राहत की बात हो सकती है क्योंकि मौजूदा समय में अब कोरोना के खिलाफ वैक्सीन ही एक मात्र उपाय है और यह भी तय है कि कोरोना रहेगा मानव के बीच ही। वैक्सीन की जरूरत को लेकर तमाम देशों के साथ ही हमारे देश में भी कार्य किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने जब इसकी समीक्षा की तो मालूम हुआ है कि 30 से अधिक भारतीय वैक्सीन पर काम कर रहे हैं। इनमें से कुछ का ट्रायल भी किया जाएगा। दवा की श्रेणी में भी चार प्रकार की दवाओं पर काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने इस पर कहा है कि कोरोना के खिलाफ अकादमिक, उद्योग और सरकार के स्तर से एकजुट होकर कोशिश की जा रही है। जाहिर है इस वक्त विश्व में कोरोनाकाल की जो स्थिति है उस पर विजय पाने के लिए ऐसे ही वैज्ञानिक प्रयासों की जरूरत है। इजरायल से लेकर अमेरिका और हमारे देश के साथ ही कहीं भी अगर कोरोना के खिलाफ वैक्सीन का सफल ट्रायल होता है तो यह निश्चित ही बड़ी विजय होगी।