जिम्मेदार कौन

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Edited By Amrit Vichar
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आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में सुबह 2.30 बजे जब लोगों का दम घुटने लगा तो बदहवास लोग घरों से निकल आए। कुछ तो घरों से भीतर ही रह गए जिन्हें बाद में घर के दरवाजे तोड़कर बाहर निकाला गया। कोरोना महामारी संक्रमण के चलते परेशान लोगों के लिए गुरुवार की यह सुबह बहुत भयावह हो …

आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में सुबह 2.30 बजे जब लोगों का दम घुटने लगा तो बदहवास लोग घरों से निकल आए। कुछ तो घरों से भीतर ही रह गए जिन्हें बाद में घर के दरवाजे तोड़कर बाहर निकाला गया। कोरोना महामारी संक्रमण के चलते परेशान लोगों के लिए गुरुवार की यह सुबह बहुत भयावह हो गई। सड़कों पर जहां-तहां लोग बेहोश गिरे पड़े थे। इस गैस कांड ने एक बार फिर भोपाल गैस कांड की याद दिला दी जब 3 दिसंबर 1984 को गैस लीक हुई थी। इस मामले ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था और इसमें 15,274 लोगों की मौत हो गई थी।

इसके अलावा भी कई ऐसे गैस कांड हुए हैं जिसमें लोगों को जान गंवानी पड़ी है। गैस कांड का संज्ञान खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिया है। इस अति आधुनिक वैज्ञानिक युग और तकनीकी कुशलता के दौर में भी अगर इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं तो यह निश्चित ही विचलित करने वाली बात है। ऐसे मामलों में मानवीय भूल जैसा कोई विषय नहीं होना चाहिए, हालांकि विशाखापट्टनम गैस कांड में अभी तक कारणों का पता नहीं चल पाया है और निश्चित तौर पर इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए।

इस तथ्य का पता लगाया जाना चाहिए कि अब तक हुए गैस कांडों से सबक लेते हुए क्या यहां सुरक्षा मानकों और किसी भी संभावित गैस लीक के बारे में पूरा होमवर्क किया गया था? गैस कंपनी की किसी भी चूक का नतीजा अगर आम आदमी को भुगतना पड़ता है तो यह बहुत बड़ा आपराधिक कृत्य है। जाहिर है गैस लीक हुई तो किसी न किसी स्तर पर चूक जरूर हुई है जो कि पूरी तरह से सामने आना चाहिए। इस जहरीली गैस के कारण फैक्ट्री के तीन किलोमीटर के इलाके प्रभावित हैं। फिलहाल, पांच गांव खाली करा लिए गए, सैकड़ों लोग सिर दर्द, उल्टी और सांस लेने में तकलीफ के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं और 10 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है।

आखिर इन मौतों के लिए जिम्मेदार कौन है। एक तरफ देश-दुनिया में कोरोना संक्रमण के चलते आम आदमी की मनोदशा पर पहले ही विपरीत प्रभाव पड़ा है, ऐसे में इस तरह की खबरें और भी विचलित करने वाली हैं। हालांकि अब गैस लीक को काबू कर लिया गया है, मगर इस पूरे मामले में बेहद संवेदनशीलता के साथ कार्य किए जाने और लीकेज के कारणों का पता लगाने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से लोगों को अपनी जान न गंवानी पड़े।