खुद का बचाव जरूरी
लाकडाउन में अब तक दी जा रही ढील के साथ ही यह भी तय है कि लोगों को अब और अधिक सावधानी और तत्परता के साथ कोरोना संक्रमण से बचने के लिए जरूर नियमों का पालन करना होगा। 23 मार्च से जारी लाकडाउन के दौरान हमने पाया है कि दुनिया के तमाम देशों की तुलना …
लाकडाउन में अब तक दी जा रही ढील के साथ ही यह भी तय है कि लोगों को अब और अधिक सावधानी और तत्परता के साथ कोरोना संक्रमण से बचने के लिए जरूर नियमों का पालन करना होगा। 23 मार्च से जारी लाकडाउन के दौरान हमने पाया है कि दुनिया के तमाम देशों की तुलना में भारत में मौतों की संख्या बहुत कम रही है।
जाहिर है मार्च माह में जब कोरोना की भयावहता का ठीक से पता लगा तो उस वक्त लाकडाउन सही फैसला था, जिसके कारण यह संभव हुआ। जिन देशों ने लाकडाउन का कड़ाई से पालन करते हुए नियमों का पालन किया वहां कोरोना ने तेजी से पांव नहीं पसारे।
इस वक्त केंद्र सरकार की ओर से प्रवासी श्रमिकों को अपने राज्यों में भेजने का अभियान चलाया जा रहा है। पिछले दो दिनों में हजारों श्रमिक अपने घर वापस भी पहुंचे हैं। ऐसे में यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि इन श्रमिकों की सही से जांच हो और उन्हें हर हाल में होम क्वारंटीन किया जाए। ऐसी स्थिति में संदिग्धों और स्वस्थ व्यक्ति दोनों को बचाव के रास्ते ही अपनाए जाने हैं। संदिग्ध इसलिए कि कोरोना तमाम व्यक्तियों में लक्षणहीन होकर सामने आया है। यानी कोरोना संक्रमण होने के बावजूद उसके कहीं लक्षण नहीं दिखे हैं।
जाहिर है ऐसे में वह व्यक्ति या बाहर से आया श्रमिक अगर घर पर नहीं रहता है तो कोरोना का वाहक बनकर घूम रहा होगा। ऐसी स्थिति में बुजुर्गों, बच्चों को बड़ा खतरा पैदा हो जाएगा और समूह संक्रमण की स्थिति होते भी देर नहीं लगेगी। श्रमिकों की घर वापसी के अलावा भी तमाम स्तरों पर चल रही ढील के चलते ऐसे वाहकों द्वारा कोरोना संक्रमण का खतरा बना हुआ है, लिहाजा सावधानी ही आपका बचाव कर सकती है।
श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के साथ ही रेलवे ने अब दिल्ली से 15 स्थानों तक रेल चलाने के लिए बुकिंग भी शुरू कर दी है, ऐसे में इन यात्रियों के साथ ही इनके संपर्क में आने वालों को भी सावधान रहने की जरूरत है। यात्री जब परिवहन व्यवस्था से एक स्थान से दूसरे स्थान पर आएंगे-जाएंगे तो कहीं भी संक्रमण होने की स्थिति में उसके फैलाव की हर पल आशंका होगी। ऐसे में सरकारों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
सरकार के अपने प्रयासों के साथ ही लोगों को भी सरकार के दिशा-निर्देशों का उिचत पालन कर इस वैश्विक महामारी से पार पाने में आगे आना होगा। यह हमारे सामूहिक प्रयास का ही नतीजा है कि भारत में अब तक कोरोना की मृत्यु दर अन्य देशों के मुकाबले काफी कम है, मगर चुनौती इसे स्थिर करते हुए कम और खत्म करने की है।
