अनलॉक-1: बाजार खुलने को लेकर व्यापारी संगठन आमने-सामने, उड़ाई सोशल डिस्टेंस की धज्जियां
अमरोहा/हसनपुर, अमृत विचार। हसनपुर नगर में सोमवार को व्यापारी संगठन बाजार खुलवाने और बंद करवाने को लेकर आमने-सामने आ गए। जिसको लेकर व्यापारियों ने अनलॉक-1 के पहले दिन ही सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ाई। अधिकारी खामोश बैठे रहे। हसनपुर नगर में उपजिलाधिकारी विजय शंकर ने सप्ताहिक छुट्टी का दिन होने के कारण पूर्णता बाजार …
अमरोहा/हसनपुर, अमृत विचार। हसनपुर नगर में सोमवार को व्यापारी संगठन बाजार खुलवाने और बंद करवाने को लेकर आमने-सामने आ गए। जिसको लेकर व्यापारियों ने अनलॉक-1 के पहले दिन ही सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ाई। अधिकारी खामोश बैठे रहे। हसनपुर नगर में उपजिलाधिकारी विजय शंकर ने सप्ताहिक छुट्टी का दिन होने के कारण पूर्णता बाजार बंद रहने और बाजार को सेनेटाइज कराने के आदेश दिए थे। लेकिन कुछ व्यापारी नेताओं ने इसका विरोध किया।
राइट-लेफ्ट के बाजार खोलने की बात कही गई। जबकि दूसरे व्यापारी संगठन द्वारा पूर्णता बाजार बंद रखने की बात कहते हुए अगले दिन आठ से चार बजे तक पूर्णता बाजार खोलने की बात कही गई। इसी बात को लेकर बाजार में व्यापारी एकत्रित होकर चर्चा करते नजर आए। चर्चा के दौरान व्यापारियों ने सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रखना और जमकर सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन किया। बाजार में हो रहे सोशल डिस्टेंसिंग के उल्लंघन की जानकारी होने के बाद भी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी ख़ामोश बैठे रहे।
जब पूरे मामले पर अमृत विचार संवाददाता ने व्यापारी सुरक्षा फोरम के जिला उपाध्यक्ष मुकेश गुप्ता से वार्ता की तो उन्होंने बताया की प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वार्ता कर निर्णय लिया गया था। कि सोमवार के दिन बाजार की पूर्ण रूप से बंदी रखते हुए मंगलवार के दिन से प्रातः आठ बजे से चार बजे तक दोनों साइड का बाजार खुलवाया जाएगा। लेकिन कुछ व्यापारी नेताओं द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों की चापलूसी करते हुए बाजार खुलवाने के आदेश करवाए गए और बाद में खुद बाजार बंद कराया गया।
अमृत विचार संवाददाता ने उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल से जानकारी की तो उन्होंने बताया की व्यापार मंडल व्यापारी वर्ग के साथ है। उनके द्वारा प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों से वार्ता की गई थी। तो उनके द्वारा बताया गया कि पहले सप्ताहिक बंदी का आदेश अधिकारियों द्वारा दिया गया था और अब खोलने का आदेश दिया गया है। सप्ताहिक बंदी पर व्यापारी की इच्छा है कि वह अपनी दुकानें बंद रखे या खोलें।
