बिहार में फ्लोर टेस्ट से पहले RJD नेताओं के यहां ED और CBI के छापे, झारखंड में भी रेड
पटना/रांची। नौकरी घोटाले में कथित जमीन को लेकर बिहार में CBI की छापेमारी चल रही है। बिहार में चल रही रेड पर RJD सांसद मनोज झा ने कहा कि आज बिहार विधानसभा में फ्लोर टेस्ट है और इन्होंने (BJP) डराने के लिए आज का दिन चुना है, आप राजनीतिक रूप से लड़ाई नहीं लड़ सकते …
पटना/रांची। नौकरी घोटाले में कथित जमीन को लेकर बिहार में CBI की छापेमारी चल रही है। बिहार में चल रही रेड पर RJD सांसद मनोज झा ने कहा कि आज बिहार विधानसभा में फ्लोर टेस्ट है और इन्होंने (BJP) डराने के लिए आज का दिन चुना है, आप राजनीतिक रूप से लड़ाई नहीं लड़ सकते हैं। आप इन्हें ED, CBI की नहीं आप इन्हें भाजपा की रेड कहिए। ये संगठन भाजपा के लिए काम करती है। कल ही हमारे उप मुख्यमंत्री ने यह कहा था ये लोग (BJP) इस स्तर पर जाएंगे। एक दिन वो भी आएगा जब आप नहीं होंगे और आप भी इसी ज़द में आएंगे। दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र और फिर बिहार आपके पास स्क्रिप्ट वही है। हम बिहारी है टिकाऊ हैं… बिकाऊ नहीं हैं।
बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि जब विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में मेरे विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाया गया तब मैंने अपने ऊपर विश्वास की कमी के रूप में नहीं देखा। बल्कि आसन के प्रति अविश्वास के रूप में देखा। अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस जो सभा सचिवालय को दिया गया उसमें नियम और संसदीय शिष्टाचार के अस्पष्ट रूप में अनदेखी की गई है। नोटिस में कुछ निराधार आरोप लगाए गए हैं, कुछ माननीय सदस्यों ने तर्क के बिना मेरी कार्यशैली को अलोकतांत्रिक और तानाशाह जैसा बताया है। इन तथ्यहीन आरोपों के बीच यदि मैं त्याग पत्र देता हूं तो यह न केवल व्यक्तिगत निष्ठा और आत्मसम्मान के विरुद्ध होगा। अत: मैं बिहार विधानसभा अध्यक्ष के रूप में मेरे विरुद्ध लगाए गए अविश्वास प्रस्ताव का प्रतिकार करते हुए मैं इस्तीफा नहीं दूंगा
बता दें कि बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली महागठबंधन सरकार के फ्लोर टेस्ट से पहले सीबीआई ने कई आरजेडी नेताओं के ठिकानों पर छापेमारी की है। सीबीआई ने आरजेडी सांसद अशफाक करीम, फैयाज अहमद, एमएलसी सुनील सिंह और पूर्व एमएलसी सुबोध राय के घर छापा मारा है। बुधवार सुबह सीबीआई की टीम पटना स्थित अशफाक करीम और सुनील सिंह के घरों पर छापेमारी करने पहुंची। इसके अलावा फैयाद अहमद और सुबोध राय के आवास पर भी छापेमारी की खबर है। बताया जा रहा है कि कथित लैंड फॉर जॉब स्कैम में यह छापेमारी की जा रही है। सुनील सिंह और सुबोध राय आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के करीबी हैं। गौरतलब है कि आज (बुधवार) ही विधानसभा में नीतीश सरकार को बहुमत साबित करना है।
जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह करीब 8 बजे सीबीआई की टीम सुनील सिंह के पटना स्थित आवास पर पहुंची। सीबीआई अधिकारियों के साथ सुरक्षाबल भी मौजूद है। आरजेडी सांसद अशफाक करीम के घर भी सीबीआई की टीम पहुंची है। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। साथ ही आरजेडी सांसद फैयाज अहमद और पूर्व एमएलसी सुबोध राय के आवास पर भी रेड की सूचना है।
सीबीआई की ये कार्रवाई बिहार विधानसभा में महागठबंधन सरकार के फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले हुई है। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद बुधवार को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसमें नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली नई सरकार का बहुमत परीक्षण होगा। इसके साथ ही स्पीकर विजय सिन्हा के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर भी वोटिंग होगी।
राजद एमएलसी और बिस्कोमान पटना के अध्यक्ष सुनील सिंह ने अपने आवास पर सीबीआई छापे पर कहा, यह सब जान बूझकर किया जा रहा है। इसका कोई मतलब नहीं है। वे यह सोचकर ऐसा कर रहे हैं कि डर कर विधायक उनके पक्ष में आएंगे।
CBI छापेमारी पर RJD MLA सुदेय यादव ने कहा कि हम इससे डरने वाले नहीं है। बिहार में जो राजनीति घटनाक्रम बदला है उसको प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। हमारे विधायक सुई की नोक बराबर तक डरने वाले नहीं है। हम (सदन में फ्लोर टेस्ट) जीतेंगे। 164 जगह भी छापेमारी हो तो भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
बिहार में राजद नेताओं के घर पर चल रही CBI की छापेमारी पर बिहार BJP अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि BJP किसी को लगाती नहीं और किसी को फंसाती नहीं है। आज से डेढ़ साल पहले नीतीश कुमार ने खुद ही शिकायत की थी,जब बिस्कोमान में करोड़ों रुपए पकड़े जा रहे थे… तब बिहार सरकार ने संज्ञान में लिया था, क्योंकि तब रुपयों के साथ एक गाड़ी पकड़ी गई थी। अब इन सब की जो परिणति होती है वह हो रही है।
क्या है लैंड फॉर जॉब स्कैम?
सीबीआई ने रेल मंत्री रहे लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, दो बेटियां, नौकरशाह और कुछ निजी व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोप हैं कि लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए रेलवे में ग्रुप डी पोस्ट पर लोगों को नौकरियां दिलाई गईं, इसके बदले में जमीन लालू परिवार के लोगों के नाम पर करवा दी गईं। जांच में सामने आया कि रेलवे की ओर से उन पदों पर भर्ती के लिए किसी तरह का नोटिफिकेशन नहीं निकाला गया था। लालू परिवार के लोगों ने इस कथित घोटाले में एक लाख वर्ग फीट से ज्यादा की जमीन अपने नाम करवा ली थी। इससे पहले सीबीआई ने लालू परिवार के ठिकानों पर भी छापेमारी की थी। पिछले महीने लालू यादव के पूर्व ओएसडी भोला यादव को इस मामले में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था।
झारखंड में भी रेड
अवैध खनन और जबरन वसूली के संबंध में चल रही जांच में रांची (झारखंड) और बिहार में कई स्थानों पर एक केंद्रीय एजेंसी द्वारा नए सिरे से छापेमारी की जा रही है। स्थान प्रेम प्रकाश नाम के व्यक्ति से जुड़े हुए हैं, जिनके बारे में माना जाता है कि उनके राजनेताओं के साथ मजबूत संबंध हैं। पंकज मिश्रा (सीएम हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि) व अन्य से पूछताछ के बाद नए सिरे से छापेमारी की जा रही है।
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