कानपुर: मंधना- शुक्लागंज बंधे पर कटान, सड़क धंसने का खतरा
कानपुर। मंधना से गंगा बैराज होते हुए शुक्लागंज जाने वाले बंधे की हालत बहुत ही खराब है। यह बंधा बारिश की वजह से जगह- जगह कट गया है। कंकरीट की जो दीवार बनाई गई है वह भी जगह- जगह टूट गई है। कटान की वजह से हादसे का खतरा तो है ही सड़क धंसने का …
कानपुर। मंधना से गंगा बैराज होते हुए शुक्लागंज जाने वाले बंधे की हालत बहुत ही खराब है। यह बंधा बारिश की वजह से जगह- जगह कट गया है। कंकरीट की जो दीवार बनाई गई है वह भी जगह- जगह टूट गई है। कटान की वजह से हादसे का खतरा तो है ही सड़क धंसने का भी डर है।
इस बात की जानकारी सिंचाई विभाग के अधिकारियों को है, लेकिन वे मरम्मत का कार्य नहीं कर रहे हैं। पीडब्ल्यूडी की ओर से भी अभी तक कोई पहल नहीं की गई है जबकि इस सड़क को फोर लेन बनाने का काम पीडब्ल्यूडी को ही करना है।
मंधना से बिठूर जाने वाले मार्ग से बैराज होते हुए मरहला चौराहा होते हुए शुक्लागंज से आगे लखनऊ हाईवे तक सिंचाई विभाग ने बंधा बनाया था। इस बंधे से गंगा की बाढ़ को रोकना था। सपा शासन में इस बंधे पर टू लेन सड़क बना दी गई।
इसके बाद फोर लेन सड़क बनाने की कार्ययोजना तैयार की गई। सिंचाई विभाग ने इस पर आपत्ति की थी पर बाद में यह मान लिया था कि बंधा भारी वाहनों के आवागमन के लिए उपयुक्त है। अब इस पर फोर लेन सड़क का निर्माण होगा करीब पौने दो सौ करोड़ रुपये से।
इस बंधे की मरम्मत का कार्य हर साल होना है, लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से यह कार्य नहीं हो रहा है। बंधे पर तीन से चार फिट गहराई तक कटान हो गई है। मिट्टी बहने से गहरा गड्ढा हो गया है जो हादसे का बड़ा कारण बन सकता है।
इस मार्ग पर हर दिन 50 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। उनकी रफ्तार भी काफी तेज होती है। अगर कोई वाहन जरा भी अनियंत्रित हुआ तो इसे गड्ढे में ही गिरेगा और पलट जाएगा। एडीएम सिटी अतुल कुमार का कहना है कि सिंचाई विभाग से बंधे की मरम्मत के लिए कहा है।
यह भी पढ़ें-यूपी: बारिश और नेपाल से आने वाली नदियों का गांवों में भरा पानी, जमीन कटान के साथ नदी में समाए घर
