अयोध्या: बरसात के चलते गांवों में चौतरफा गंदगी का अंबार, नहीं सुध लेते हैं सफाईकर्मी
अयोध्या। मंदिर निर्माण शुरू होते ही अयोध्या में माननीयों का तांता लगना शुरू हो गया है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री समेत तमाम वीवीआईपीज रामलला का दर्शन करने आते रहते हैं। हर कोई अयोध्या को सजाने-संवारने की बात कर चला जाता है। शहर की सूरत तो बदलने लगी है, लेकिन जनपद के गांवों की सुध लेने वाला …
अयोध्या। मंदिर निर्माण शुरू होते ही अयोध्या में माननीयों का तांता लगना शुरू हो गया है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री समेत तमाम वीवीआईपीज रामलला का दर्शन करने आते रहते हैं। हर कोई अयोध्या को सजाने-संवारने की बात कर चला जाता है। शहर की सूरत तो बदलने लगी है, लेकिन जनपद के गांवों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। अमृत विचार आज आपको जनपद के 11 में से चार विकासखंड में सफाई की समस्या से रूबरू कराने जा रहा है।
चार विकासखंडों में तकरीबन 300 ग्राम पंचायते हैं, जहां इतने ही लगभग सफाईकर्मी नियुक्त किए गए हैं, लेकिन अधिकांश कभी सफाई करने गांवों में नहीं पहुंचते। हाजिरी लगाकर चौपाल में बैठ जाते हैं। ग्राम प्रधान व अधिकारियों की मिलीभगत से वेतन भी निकाल लेते हैं। आलम यह है कि हर गांव बारिश के सीजन में बजबजाने लगते हैं। नालियां चोक रहती हैं। मार्गों पर जगह-जगह जलभराव रहता है। ब्लॉक के अधिकारी भी खामोश हैं। ऐसा हाल तब है जब प्रदेश सरकार गांवों को शहर बनाने की तर्ज पर काम कर रही है।

पूराबाजार प्रतिनिधि के अनुसार यहां विकासखंड में ग्राम पंचायत और राजस्व गांव कुल 82 हैं, जिनमें 94 सफाई कर्मी तैनात हैं। जो गांव में साफ सफाई का काम करने के बजाए ब्लॉक में हस्ताक्षर कराने तक ही सीमित हैं। ग्राम पंचायत सराय चैमल के राजस्व गांव लक्ष्मी दासपुर के प्रिंस, रामू, गुड्डू, ग्राम पंचायत सदस्य अंकित ने बताया कि सरकारी नाली और गांव की गलियों की सफाई की कौन कहे गांव में स्थित देव स्थानों की सफाई नहीं हो रही है। काली माई के चौरा पर गंदगी का सम्राज्य है।
गांव में तैनात सफाई कर्मी जानकी शरण ने बताया कि जब से नए प्रधान बने हैं तबसे साफ सफाई का सामान नहीं मिला है, जबकि हर महीने तीन झाड़ू, हैंड वॉश, सेनिटाइजर, दो तोलिया व साबुन मिलना चाहिए जबकि हमको अभी तक ठेलिया फावड़ा और खुरपा तक नहीं मिला है। एडीओ पंचायत पूरा बाजार धनजीत ने बताया कि सफाई कर्मी को मिलने वाली साफ सफाई के उपकरण व सामग्री ग्राम पंचायत से मिलने होते हैं
अमानीगंज में भी बुरा हाल
अमानीगंज प्रतिनिधि के अनुसार विकासखंड में स्वच्छ भारत मिशन का सपना पूरा होता हुआ नहीं दिख रहा है। यहां कुल 105 में 94 राजस्व गांवों में सफाई कर्मचारी तैनात है और नौ गांव खाली पड़े हैं। एडीओ पंचायत शिव कुमार चौबे ने बताया कि ब्लॉक पर 99 सफाई कर्मचारी तैनात है, जिनमें दो जिला मुख्यालय पर दो ब्लॉक पर व 1 निलंबित है। इस लिए 94 लोगों से काम चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जिन गांवों में सफाई कर्मचारी नहीं है वहां टीम बनाकर प्रति सप्ताह साफ सफाई कराई जा रही है तथा संक्रामक रोगों से बचाव के लिये दवाओं का छिड़काव भी किया जा रहा है। अमानीगंज विकास खंड की बड़ी ग्राम पंचायत रायपट्टी में सात प्राथमिक विद्यालय और जूनियर हाई स्कूल है व गांव की आबादी लगभग 8 हजार है जहां सफाई के लिए एक कर्मचारी तैनात है। प्रधान प्रतिनिधि बिष्णु कुमार सिंह फौजी कहते हैं की स्कूलों और पंचायत भवन की ही सफाई कर्मचारी नहीं कर पा रहा है तो गांव की गलियों की सफाई कौन करेगा सब हवा हवाई है।
प्रधान और अफसरों की मिलीभगत से ले रहे पूरा वेतन
बीकापुर प्रतिनिधि के अनुसार विकासखड क्षेत्र में कुल 75 ग्राम पंचायतें शामिल हैं जिसमें 136 राजस्व गांव है। सभी राजस्व गांव में कुल 136 सफाई कर्मियों की तैनाती हुई है। सफाई कर्मी अपने जिम्मेदारी पर खरा नहीं उतर रहे हैं। ग्राम प्रधान और ब्लॉक के अधिकारियों से सांठगांठ करके पूरे महीने की हाजिरी लगवा लेते हैं। वेतन भी निकाल लेते हैं। कई सफाई कर्मी तो अपने क्षेत्र में जाते ही नहीं हैं कुछ तो ब्लॉक कार्यालय पर एडीओ पंचायत के कार्यालय में काम करते हैं।
ब्लॉक क्षेत्र के जलालपुर माफी पातूपुर, राजेपुर, चकिया सहित अन्य कई ग्राम पंचायतों में तैनात सफाई कर्मियों के गांव में साफ सफाई न करने की शिकायत ग्राम प्रधान और ग्रामीणों द्वारा ब्लॉक और जिले के अधिकारियों के अलावा क्षेत्रीय विधायक से भी की जा चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कई स्कूलों में तो अध्यापकों द्वारा अपने पास से पैसा खर्च करके साफ सफाई करवानी पड़ती है।

बीकापुर ब्लॉक के संयुक्त खंड विकास अधिकारी बद्री प्रसाद वर्मा ने बताया कि कुछ सफाई कर्मियों की ड्यूटी अयोध्या में भी साफ सफाई करने के लिए लगा दी जाती है, जिससे कुछ दिक्कत होती है। बीकापुर ब्लॉक के एडीओ पंचायत अजय तिवारी ने बताया कि सभी सफाई कर्मियों को अपने क्षेत्र में नियमित साफ-सफाई करने का निर्देश दिया गया है।
मिल्कीपुर के गांवों में तो सफाई कर्मी जाते ही नहीं
मिल्कीपुर प्रतिनिधि के अनुसार तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत अस्थना, मंजनाई, इनायत नगर, कुचेरा, तरौली, अलीपुर खजुरी, मिल्कीपुर, मुंगीशपुर सहित दर्जनों गांव में सफाई कर्मी तैनात होने के बावजूद भी नियमित सफाई का कार्य नहीं किया जाता। ब्लॉक के दर्जनों गांवों में बनी नालियां काफी दिनों से बंद पड़ी हैं। मिल्कीपुर ब्लॉक के अस्थना गांव के जगदम्बा प्रसाद, रामदर्शन, शंकर, बलराम, रतीराम सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि श्रीराम सफाई कर्मी के पद पर नियुक्त है जो गांव में कभी आता नहीं।
इनायत नगर से मिल्कीपुर तहसील को जाने वाली सड़क पर व एसडीएम आवास के बगल कूड़ों का अंबार लगा हुआ है। सहायक खंड विकास अधिकारी सुरेंद्र कुमार राव ने बताया कि मिल्कीपुर ब्लाक में कुल 77 ग्राम पंचायत है। राजस्व ग्राम सभा में 112 सफाई कर्मियों के पद के सापेक्ष 108 सफाई कर्मियों की नियुक्ति की गई है। सफाई कर्मियों को संबंधित ग्राम प्रधान व सचिव द्वारा उनके कार्य से संबंधित झाड़ू फ़ावड़ा व तसला सहित अन्य संसाधन मुहैया कराया जाता है।
किसी सफाई कर्मी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं है। रामबिहारी पाण्डेय निवासी अस्थना ने बताया कि उनके दरवाजे के सामने बीच गांव में महीनों से कूड़ों का ढेर लगा है। विजय बहादुर पांडेय निवासी गंधर्व गांव ने बताया की गांव में बनी नालियां बंद पड़ी हैं सफाई कर्मी कभी भी नहीं आते।
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