हल्द्वानी: सरकारी विभागों की लेटलतीफी ने सरकार पर डाला 46 लाख का बोझ

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हल्द्वानी, अमृत विचार। सरकारी विभागों की सुस्ती सरकारी खजानों पर कितना असर डालती हैं, यह रामपुर रोड चौड़ीकरण योजना से समझी जा सकती है। लोनिवि के अफसरों की लेटलतीफी के कारण पेयजल लाइन शिफ्ट करने में सरकार पर 46 लाख रुपये का बोझ बढ़ गया है। करीब 14 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन को शिफ्ट करने …

हल्द्वानी, अमृत विचार। सरकारी विभागों की सुस्ती सरकारी खजानों पर कितना असर डालती हैं, यह रामपुर रोड चौड़ीकरण योजना से समझी जा सकती है। लोनिवि के अफसरों की लेटलतीफी के कारण पेयजल लाइन शिफ्ट करने में सरकार पर 46 लाख रुपये का बोझ बढ़ गया है।

करीब 14 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन को शिफ्ट करने में अब 3.16 करोड़ रुपये खर्च होंगे। रामपुर रोड पर देवलचौड़ से रुद्रपुर पंतनगर तिराहे तक करीब 22 किलोमीटर लंबी सड़क को 10 मीटर तक चौड़ा किया जाना है। इसमें डेढ़-डेढ़ मीटर सड़क दोनों साइड बाइर्स लेन भी तैयार होने हैं।

एक साल पहले पास हो चुके करीब 58 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट में देवलचौड़ से टांडा बैरियर बेलबाबा मंदिर तक करीब 14 किलोमीटर पेयजल लाइनों को पहले शिफ्ट करने का काम किया जाना था। इस काम में उस समय 2.70 रुपये का इस्टीमेट बना था। जलसंस्थान के द्वारा बनाए गए इस इस्टीमेट पर लोनिवि को काम करना था। लोनिवि ने लगातार इस कार्य को सुस्ती दिखाई और बाद में यह प्रोजेक्ट ब्रिडकुल के पास पहुंच गया। ब्रिडकुल ने भी खूब देरी की और जब एक साल बाद नींद टूटी तो महंगाई की मार ने प्रोजेक्ट पर खर्च और चढ़ा दिया। अब इन पेयजल लाइनों की शिफ्टिंग का काम 3.16 करोड़ रुपये में किया जा सकेगा।

एक साल पहले जब इस्टीमेट बना था, उसमें उस वक्त के पाइप और अन्य खर्च को शामिल किया गया था। एक साल बाद जीएसटी व अन्य कारणों से पाइप महंगे हो गए हैं। इसलिए पुराने बजट में काम नहीं किया जा सकता था। इसलिए नए इस्टीमेट में 46 लाख रुपये ज्यादा खर्च आया है। – एसके श्रीवास्तव, ईई जलसंस्थान

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