लखनऊ : पूर्वी जोन कार्यालय में इंस्पेक्टर-पीआरओ भिड़े, इंस्पेक्टर लाइन हाजिर
अमृत विचार, लखनऊ। डीसीपी पूर्वी कार्यालय में गुरुवार देरशाम पीआरओ हरेन्द्र सिंह व आशियाना एडिशनल एसएचओ श्याम बाबू मामूली बात को लेकर भिड़ गए। डीसीपी पूर्वी प्राची सिंह ने प्रथमदृष्टया इंस्पेक्टर को दोषी मानते हुए पुलिस कमिश्नर की निर्देश पर अनुशासनहीनता के आरोपों में लाइन हाजिर कर दिया है। शुक्रवार को मामला तूल पकड़ने के …
अमृत विचार, लखनऊ। डीसीपी पूर्वी कार्यालय में गुरुवार देरशाम पीआरओ हरेन्द्र सिंह व आशियाना एडिशनल एसएचओ श्याम बाबू मामूली बात को लेकर भिड़ गए। डीसीपी पूर्वी प्राची सिंह ने प्रथमदृष्टया इंस्पेक्टर को दोषी मानते हुए पुलिस कमिश्नर की निर्देश पर अनुशासनहीनता के आरोपों में लाइन हाजिर कर दिया है। शुक्रवार को मामला तूल पकड़ने के बाद डीसीपी ने सफाई दी है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को डीसीपी पूर्वी प्राची सिंह ने एक मामले में आशियाना इंस्पेक्टर डॉ. धर्मेंद्र सिंह यादव को तलब किया था। एडिशनल एसएचओ श्याम बाबू प्रभारी निरीक्षक का पक्ष रखने पहुंचे थे। काफी देर इंतजार के बाद डीसीपी से मुलाकात नहीं कर सके तो पीआरओ से विरोध जताया।
इस दौरान पीआरओ ने कार्यालय में शांत रहने की नसीहत दी तो बिना बयान दर्ज कराए जाने लगे। इस बीच पीआरओ हरेन्द्र सिंह व इंस्पेक्टर में तीखी बहस शुरू हो गई। गाली-गलौज और मारपीट की नौबत आ गई। शोर-शराबे सुनकर डीसीपी पूर्वी प्राची सिंह ने इंस्पेक्टर बुलाया और दफ्तर में बर्ताव को लेकर एतराज जताया।
आरोप है कि इंस्पेक्टर श्याम बाबू झल्ला उठे। डीसीपी ने पुलिस कमिश्नर को घटना की जानकारी दी। कमिश्नर एसबी शिरडकर के निर्देश पर एडिशनल एसएचओ श्याम बाबू को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इंस्पेक्टर श्याम बाबू का कहना है कि करीबी के अस्पताल में होने के कारण पेश कराने की बात कही थी। लेकिन पीआरओ ने सीनियर-जूनियर की सारी मर्यादाएं तोड़ दीं।
एडीसीपी रहते हुए साथ रहा था सब-इंस्पेक्टर
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, डीसीपी पूर्वी पीआरओ व सब-इंस्पेक्टर एडीसीपी उत्तरी के रहते हुए भी प्राची सिंह के पीआरओ की जिम्मेदारी संभाल रहा था। प्राची सिंह को डीसीपी पूर्वी की जिम्मेदारी मिली तो पूर्वी कार्यालय में ट्रांसफर करा लिया। फिर बतौर पीआरओ कार्यरत है। आरोप है कि सरकारी कर्मचारी को मनचाही पोस्टिंग दिलाकर निजी स्टॉफ की रखा जा रहा है।
पुलिस के ट्विटर हैंडल ने तरेरी आंख
मामला तूल पकड़ने के बाद कमिश्नरेट पुलिस के ट्विटर हैंडल से मामले का खंड़न किया गया। अफवाह फैलाने की बात कही गई। इस पर लोगों ने एतराज जताया। लोगों का कहना था कि पुलिस मनमानी कर सकती है। वहीं एक व्यक्ति ने लिखा कि नए कमिश्नर के सामने मनमानी नहीं चलेगी। समय बदल चुका है।
इस सम्बन्ध में डीसीपी पूर्वी प्राची सिंह ने बताया कि फरियादियों को सुना जा रहा था। कार्यालय में तीन पीआरओ हैं। एक पीआरओ से इंस्पेक्टर बहस कर रहे थे। इस पर हरेन्द्र सिंह ने शांत कराने की कोशिशें की। लेकिन नहीं माने। संज्ञान में आते ही इंस्पेक्टर को बुलाया गया। साथ ही कार्यालय में बर्ताव को लेकर एतराज जताया तो झल्ला गए। इसके बाद अनुशासनहीनता के आरोपों में लाइन हाजिर किया गया है।
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