अरविंद केजरीवाल ने आर्म्ड फोर्सेज स्कूल का किया उद्घाटन, कहा- छात्रों को अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी
नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को आर्म्ड फोर्सेज स्कूल का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यहां छात्रों को अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इस मौके पर उन्होंने छात्रों से देश के लिए जीने-मरने की भावना को आत्मसात करने का आह्वान किया। इस दौरान दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी मौजूद …
नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को आर्म्ड फोर्सेज स्कूल का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यहां छात्रों को अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इस मौके पर उन्होंने छात्रों से देश के लिए जीने-मरने की भावना को आत्मसात करने का आह्वान किया। इस दौरान दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी मौजूद रहे।
सीएम ने नजफगढ़ के झरोड़ा कलां में शहीद भगत सिंह सशस्त्र बल तैयारी स्कूल का उद्घाटन किया। मनीष सिसोदिया ने कहा, “एक साल में इसकी तैयारी हुई और पहले बैच की शुरूआत कर रहे हैं।”
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में आज पहला शहीद भगत सिंह आर्म्ड फोर्स प्रिपरेटरी स्कूल चालू हुआ है, दिल्ली में जो बच्चे सेना में जाने चाहते थे ये स्कूल उनके लिए है। इस स्कूल में कोई भी गरीब बच्चा प्रवेश ले सकता है। उन्होंने कहा कि स्कूल में अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं और छात्रों को विभिन्न सशस्त्र बलों की प्रवेश परीक्षा प्रणाली के अनुसार प्रशिक्षित किया जाएगा।
भारतीय सेना में शामिल होकर देश सेवा की तैयारी अब दिल्ली के स्कूलों से शुरू होगी। दिल्ली में आज से “Shaheed Bhagat Singh Armed Forces Preparatory School” की शुरुआत | LIVE https://t.co/937Gjr74YG
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) August 27, 2022
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘दिल्ली में कोई सैनिक स्कूल नहीं था। हमने एक साल पहले तैयारी शुरू की थी, लेकिन यह नहीं पता था कि स्कूल एक साल में तैयार हो जाएगा। मैं दिल्ली और देश की तरफ से उन लोगों का आभार जताता हूं, जिन्होंने एक साल के भीतर इस सपने को साकार कर दिखाया।’’
‘आर्म्ड फोर्सेज स्कूल’ में शिक्षा और अन्य सुविधाएं मुफ्त होने की बात को रेखांकित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि वह हमेशा एक ऐसी शिक्षा प्रणाली चाहते थे, जहां अमीर और गरीब एक साथ पढ़ सकें। उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्त अधिकारियों को छात्रों को प्रशिक्षित करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
केजरीवाल ने कहा, ‘‘मैंने छात्रों के साथ बातचीत की और पाया कि उनमें से 80 से 90 प्रतिशत सरकारी, जबकि 10 से 15 फीसदी निजी स्कूलों से हैं। सशस्त्र बलों के लिए छात्रों को तैयार करने के लिए साइकोमेट्रिक टेस्ट, व्यक्तित्व विकास कार्यशालाएं और मॉक टेस्ट आयोजित किए जाएंगे।’’
उन्होंने कहा कि स्कूल का नाम भगत सिंह के नाम पर रखा गया है, ताकि छात्र उनके जीवन से सीख ले सकें। केजरीवाल ने कहा, ‘‘23 साल की उम्र में उन्होंने (भगत सिंह) स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया और अपने प्राण न्योछावर कर दिये। आज के युवा उस उम्र में प्रेमिका पाने को लेकर चिंतित रहते हैं। आपको उनके आदर्शों को अपनाना चाहिए और उनके जीवन से सीख लेनी चाहिए।’’
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि ये स्कूल फ्री है यहां बच्चों के लिए होस्टल है। यहां पर सभी सुविधाएं हैं और फ्री में हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि यहां से निकले हुए बच्चे फौज का नेतृत्व करेंगे और देश की सेवा करेंगे।
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