बीजेपी विधायकों ने विधानसभा का ‘छद्म सत्र’ किया आयोजित, ‘आप’ सरकार पर साधा निशाना

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र से बाहर निकाले जाने के एक दिन बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायकों ने शनिवार को विधानसभा का ‘छद्म सत्र’ आयोजित किया और कथित शराब ‘‘घोटाले’’ को लेकर दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधा। इस छद्म सत्र का आयोजन ‘आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर’ में किया …

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र से बाहर निकाले जाने के एक दिन बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायकों ने शनिवार को विधानसभा का ‘छद्म सत्र’ आयोजित किया और कथित शराब ‘‘घोटाले’’ को लेकर दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधा।

इस छद्म सत्र का आयोजन ‘आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर’ में किया गया और इस दौरान बीजेपी विधायकों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और सत्तारूढ़ पार्टी के अन्य विधायकों का रूप दर्शाने के लिए मुखौटे पहने हुए थे। शुक्रवार को विशेष सत्र की कथित वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर भाजपा के आठ विधायकों को सदन की कार्यवाही से पूरे दिन के लिए बाहर कर दिया गया था।

छद्म सत्र के दौरान, विधायकों ने बारी-बारी से सवाल पूछे और कथित शराब घोटाले के लिए केजरीवाल सरकार की आलोचना की, जो वे शुक्रवार को सदन में नहीं कर सके थे। उन्होंने पूछा कि उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना द्वारा केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच की सिफारिश के बाद केजरीवाल सरकार ने अपनी आबकारी नीति क्यों वापस ले ली?

रोहतास नगर के विधायक जितेंद्र महाजन ने आरोप लगाया, ‘‘केजरीवाल सरकार ने पूरी पूर्वी दिल्ली में एक भी स्कूल या अस्पताल नहीं बनाया, लेकिन हर जगह शराब की दुकानें खोल दीं।’’ विपक्ष के मुख्य सचेतक अजय महावर ने कहा कि सिसोदिया ने दावा किया था कि नई आबकारी नीति 2021-22 से 9,500 करोड़ रुपये की राजस्व आय होगी, लेकिन यह पुराने शासन के तहत अर्जित 6,000 करोड़ रुपये की भी बराबरी नहीं कर सकी।

नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि नई नीति के तहत सरकार के राजस्व में गिरावट हुई है। बिधूड़ी ने शुक्रवार को विशेष सत्र के दौरान आबकारी नीति में अनियमितताओं के मुद्दे को उठाने की कोशिश की थी।

ये भी पढ़ें- आजाद के त्यागपत्र में राहुल पर निजी खुन्नस में निशाना साधा गया: पायलट

संबंधित समाचार