जिस गठबंधन में चाचा पशुपति पारस होंगे उसमें शामिल होना मेरे लिए असंभव होगा: चिराग पासवान

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

पटना। लोक जनशक्ति पार्टी के पूर्व अध्यक्ष चिराग पासवान ने अपने बागी चाचा पशुपति कुमार पारस के बारे में सोमवार को कहा कि उनके लिए किसी भी ऐसे गठबंधन में शामिल होना असंभव होगा जिसमें वह होंगे। उल्लेखनीय है कि पारस इस समय भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार में मंत्री हैं। …

पटना। लोक जनशक्ति पार्टी के पूर्व अध्यक्ष चिराग पासवान ने अपने बागी चाचा पशुपति कुमार पारस के बारे में सोमवार को कहा कि उनके लिए किसी भी ऐसे गठबंधन में शामिल होना असंभव होगा जिसमें वह होंगे। उल्लेखनीय है कि पारस इस समय भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार में मंत्री हैं। चिराग ने उक्त बातें उस सवाल के जवाब में कही कि क्या वह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का लगातार विरोध करने की वजह से राजग से बाहर आने के बाद फिर उसी गठबंधन में वापसी कर सकते हैं।

दिवंगत पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की विरासत को बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे उनके पुत्र और युवा नेता चिराग ने हालांकि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के साथ जाने से इनकार नहीं किया है, जिसका नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के साथ गठबंधन हो चुका है। उन्होंने यह जरूर कहा कि बिहार में अब गठबंधन की विश्वसनीयता रही कहां है। हर दल अपनी व्यक्तिगत महात्वाकांक्षा के कारण जिसका विरोध करता है, अंततः उसी दल के साथ चला जाता है। इसलिए मैं अभी किसी गठबंधन में शामिल होने के बारे में नहीं विचार कर रहा हूं। जब चुनाव का समय आएगा तो इसके बारे में तय करेंगे कि किसके साथ गठबंधन करें।

चिराग पासवान से यह पूछे जाने पर कि जदयू के राजग से बाहर निकल जाने पर भाजपा द्वारा उन्हें फिर से अपने साथ लेने की कोशिश की जा सकती है, तो उन्होंने कहा, किसी भी ऐसे गठबंधन में शामिल होना मेरे लिए असंभव होगा जिसमें मेरे चाचा होंगे। उल्लेखनीय है कि चिराग पासवान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रशंसक रहे हैं और उन्होंने 2020 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार को अस्वीकार्य बताते हुए उन्हें सत्ता से हटाना की बात की थी। जदयू पर अपनी पार्टी को तोड़ने का अरोप लगाने वाले चिराग पासवान के चाचा पारस ने बाद में अधिकांश लोजपा सांसदों के समर्थन से दिवंगत रामविलास पासवान द्वारा बनाई गई पार्टी को विभाजित कर दिया और स्वयं केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हो गए।

भाजपा द्वारा हाल ही में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान राजग की बैठक में बिहार के जमुई से युवा सांसद चिराग पासवान को आमंत्रित किए जाने पर उनकी राजग में वापसी को लेकर अटकलें लगायी जाने लगी थी। चिराग पासवान को राजद की इफ्तार पार्टी में नीतीश कुमार के चरण स्पर्श करते हुए देखा गया था। यह संदर्भ देते हुए उनके नए गठबंधन में शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, बिहार में गठबंधनों ने अपनी मर्यादा खो दी है।

आप चुनाव से पहले एक पार्टी के साथ गठबंधन करते हैं और बाद में दूसरे के साथ गठबंधन कर लेते हैं। चिराग पासवान जिनके अलग हुए समूह को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) नामक एक नई पार्टी के रूप में मान्यता मिली है, ने कहा, हर राजनीतिक दल अपने हित में फैसले ले रहा है। मैं अपनी पार्टी के लिए भी ऐसा ही करना चाहूंगा। उन्होंने कहा, जहां तक महागठबंधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी का सवाल है तो क्या कोई यह दावा कर सकता है कि वह (कुमार) अगले चुनाव तक महागठबंधन में ही रहेंगे।

ये भी पढ़ें- बेरोजगारी और महंगाई मोदी सरकार के दो भाई हैं: कांग्रेस

 

 

 

 

 

 


संबंधित समाचार