अयोध्या: 835 ग्राम पंचायतों में से सिर्फ 135 के पास ही टिन नम्बर, जानिये क्या हो रहा नुकसान
अयोध्या, अमृत विचार। जिले की 835 ग्राम पंचायतों में से मात्र 135 ग्राम पंचायतों को ही टिन नंबर मिले हैं। शेष 700 ग्राम पंचायतों को अभी टिन नम्बर नहीं आवंटित किए गए हैं। जिसके कारण वे अभी भी अपने तरीके से विकास कार्यो को निपटाकर नियमों की धज्जियां उड़ा रही हैं।जिससे सरकार को भी राजस्व …
अयोध्या, अमृत विचार। जिले की 835 ग्राम पंचायतों में से मात्र 135 ग्राम पंचायतों को ही टिन नंबर मिले हैं। शेष 700 ग्राम पंचायतों को अभी टिन नम्बर नहीं आवंटित किए गए हैं। जिसके कारण वे अभी भी अपने तरीके से विकास कार्यो को निपटाकर नियमों की धज्जियां उड़ा रही हैं।जिससे सरकार को भी राजस्व का चूना लग रहा है।
ग्राम पंचायतों में हर साल करोड़ों रुपये की धनराशि आहरित की जाती है। बड़ी ग्राम पंचायतों में जहां एक करोड़ रुपये तक का वार्षिक तो वहीं छोटी ग्राम पंचायतों में 50 लाख से 60 लाख रुपये तक का बजट हस्तांतरित होता है। कुछ दिन पहले मुख्य विकास अधिकारी अनीता यादव ने मनरेगा समेत ग्राम पंचायत की धनराशि के बंदरबांट को रोकने के लिए सचिव, प्रधान, रोजगार सेवक की ओर से स्वयं या फिर सगे संबंधियों की फर्मों को कार्य व भुगतान न करने पर रोक लगाई थी। यहां जिले की पंचायतों पर इसका कोई असर नहीं दिखाई पड़ रहा है।
सीडीओ ने बताया कि ग्राम पंचायत और क्षेत्र पंचायत की ओर से फर्मो के टेंडर कोटेशन के माध्यम से सामग्री के लिए चयन किया जायेगा। इसके लिए ई ग्राम स्वराज पर वेंडर के रूप में पंजीकरण की छायाप्रति उपलब्ध कराना जरूरी है। प्रत्येक कार्य के सापेक्ष किये जाने वाले भुगतान सीधे बैक खातों में ई ग्राम स्वराज पीएफएमएस के माध्यम से किये जायेंगे। जिन पंचायतों के पास टिन नम्बर नहीं है उन्हें दिखवाया जा रहा है।
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