हौसला बढ़ाती बात
पिछले एक सप्ताह में देश में कोरोना मरीजों की संख्या दोगुनी होकर दो लाख पार गई है। प्रवासियों के घर लौटने के बाद कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। चिंता वाली इस खबर के बीच राहत भरी खबर यह है कि देश में कोरोना वायरस की मारक क्षमता में कमी आ रही है। …
पिछले एक सप्ताह में देश में कोरोना मरीजों की संख्या दोगुनी होकर दो लाख पार गई है। प्रवासियों के घर लौटने के बाद कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। चिंता वाली इस खबर के बीच राहत भरी खबर यह है कि देश में कोरोना वायरस की मारक क्षमता में कमी आ रही है। 90 फीसदी से ज्यादा मरीज ऐसे सामने आ रहे हैं जिनमें कोरोना वायरस के हल्के लक्षण ही प्रकट हो रहे हैं और कम लक्षणों के साथ ही वह रिकवरी भी कर रहे हैं। यह बात देश के सबसे बड़े अस्पताल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कही है।
डॉ. गुलेरिया का यह कहना अपने आप में इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही तमाम विशेषज्ञ वर्तमान परिस्थितियों में इसके समुदाय संक्रमण की आशंका भी जता रहे हैं। अभी हाल में विशेषज्ञों के एक दल ने अपने अध्ययन में बताया था कि देश में कोरोना के हजारों ऐसे मरीज थे जिनके बारे में यह पता नहीं चल पाया कि उनमें कोरोना वायरस फैलने का स्रोत क्या था। यानी वायरस के स्रोत का अगर पता नहीं चला है तो जाहिर है जिससे उन्हें कोरोना संक्रमण फैला उससे कई अन्य लोगों को भी संक्रमण हुआ होगा जिसका पता नहीं चल पाया। इन स्थितियों में अगर कोरोना वायरस की मारक क्षमता में कमी आ रही है तो यह राहत भरी बात है।
डॉ. गुलेरिया का कहना था कि शुरू में जब कोरोना का प्रसार हुआ तब वायरस गंभीर लक्षण वाला था, मगर उस वक्त मिल रहे मरीजों को आइसोलेशन में रखा गया, इसलिए अधिक मारक क्षमता वाले इस वायरस का फैलाव ज्यादा नहीं हो सका। इसका अर्थ यह हुआ कि लाकडाउन के चलते भी इस बात में काफी मदद मिली कि ज्यादा मारक क्षमता वाला वायरस नहीं फैल सका। एम्स जैसे संस्थान के निदेशक का अगर कोरोना को लेकर कोई बयान आता है तो वह काफी महत्वपूर्ण हो जाता है।
इससे पहले भी डॉ. गुलेरिया कोरोना को लेकर लोगों को लगातार सचेत करते आ रहे हैं और समय-समय पर अपनी राय व्यक्त करते रहे हैं। उनकी राय से एक उम्मीद बंधती है। हालांकि देशवासियों को इस बात का भी ध्यान रखना है कि लाकडाउन खुलने के चरण में अब उन्हें और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि अब तमाम स्थानों पर आवाजाही में कोई रोक नहीं है। सभी दुकानें खुल चुकी हैं, सार्वजिनक परिवहन शुरू हो चुका है और बाजारों, सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की भीड़ बढ़ चुकी है। ऐसे में वायरस संक्रमण फैलने का खतरा तो बढ़ ही जाता है। कोशिश हो कि लोग खुद अपना बचाव कर कोरोना संक्रमण से दूर रहें।
