अयोध्या: सरकारी आंकड़ों में नाम दर्ज कराने से कतराते हैं बेरोजगार, इस वर्ष पांच हजार लोगों ने कराया पंजीकरण

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अयोध्या। जिला, प्रदेश ही नहीं पूरे देश में बेरोजगारी के चरम पर होने का शोर है। सियासी फलक पर इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दल सरकार को घेरने में जुटे हैं। हलांकि बेरोजगार युवा ही सरकारी आंकड़ों में खुद को दर्ज कराने से कतरा रहा है। वर्तमान वर्ष में अभी तक 5 हजार बेरोजगारों ने …

अयोध्या। जिला, प्रदेश ही नहीं पूरे देश में बेरोजगारी के चरम पर होने का शोर है। सियासी फलक पर इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दल सरकार को घेरने में जुटे हैं। हलांकि बेरोजगार युवा ही सरकारी आंकड़ों में खुद को दर्ज कराने से कतरा रहा है। वर्तमान वर्ष में अभी तक 5 हजार बेरोजगारों ने ही खुद का सेवायोजन विभाग के पोर्टल और वेबसाइट पर अपना पंजीकरण कराया है।

एक तरफ जहां नए-नए शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान खुलने का दौर है। वही सरकार की ओर से मिशन के रूप में कौशल प्रशिक्षण का अभियान चलाया जा रहा है।प्रतिवर्ष अकुशल के साथ ही भारी तादात में कुशल श्रमिक तथा विभिन्न उपाधि धारक युवा तैयार हो रहे हैं। जिले की बात करें तो अयोध्या जनपद में एक इंजीनियरिंग कॉलेज, महिला और पुरुष समेत दो सरकारी पॉलिटेक्निक, एक प्राइवेट पॉलिटेक्निक, चार आईटीआई तथा तमाम विभिन्न पाठ्यक्रमों को संचालित करने वाले निजी संस्थान संचालित हैं।

जूनियर, हाई स्कूल, इंटर से लेकर स्नातक और परास्नातक की खेप भी प्रतिवर्ष निकल रही है। सरकारी पदों पर या तो भर्ती निकल नहीं रही और निकलती भी है तो कानूनी पचड़े में फंस जाती है। वर्तमान में सरकार की ओर से ज्यादातर पद संविदा पर भरे जाने और रोजगार के बीच में ह्यूमन रिसोर्स एजेंसी की एंट्री से बेरोजगारी की दर उत्तरोत्तर बढ़ी है। तमाम सियासी विपक्षी दल इसको लेकर शोर भी कर रहे हैं। डिग्री, डिप्लोमा और तमाम कौशल का प्रमाण पत्र लेकर बेरोजगार इधर-उधर ठोकर खाने को मजबूर हैं।

हालांकि बेरोजगारी के बावजूद लोग खुद को सरकारी आंकड़ों में नाम दर्ज कराने से कतरा रहे हैं। इस वर्ष जुलाई माह तक सेवायोजन विभाग के पोर्टल और वेबसाइट पर केवल 5091 लोगों ने ही अपना पंजीकरण कराया है। क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय के आंकड़ों पर गौर करें तो कुल पंजीकृत बेरोजगारों की तादाद 37632 है, जिसमें 23885 पुरुष और 13745 महिलाएं हैं। तकनीकी वर्ग में आईटीआई उत्तीर्ण कुल 1941 ने पंजीकरण कराया है, जिसमें मात्र 45 महिला अभ्यर्थी हैं।

वहीं कुल पंजीकृत डिप्लोमा धारी 1505 में 180 महिला अभ्यर्थी हैं। दिव्यांग की श्रेणी में कुल 421 ने पंजीकरण करा रखा है जिसमें 99 महिला और अल्पसंख्यक में कुल पंजीकृत 4292 में 1594 महिलाएं हैं। वही परास्नातक स्तर पर कुल पंजीकृत 3426 में 1961 पुरुष व 1465 महिलाएं, स्नातक में 10135 पंजीकृत में 6239 पुरुष व 3896 महिला, इंटर उत्तीर्ण कुल पंजीकृत 11149 में 6214 पुरुष व 4535 महिला, हाई स्कूल उत्तीर्ण 9873 में 6341 पुरुष व 3532 महिला तथा जूनियर उत्तीर्ण पंजीकृत बेरोजगारों में 2730 पुरुष और मात्र 319 महिला अभ्यर्थी हैं।

अल्पसंख्यक तो और भी उदासीन
-बेरोजगारों की सूची में खुद को अधिकृत रूप से दर्ज कराने में अल्पसंख्यक तबका तो और भी उदासीन नजर आता है। क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में पंजीकृत अल्पसंख्यक बेरोजगारों की कुल तादाद 4292 है, जिसमें 2698 पुरुष और 1594 महिला अभ्यर्थी हैं। मदरसे के शिक्षक वसीम का कहना है कि पारंपरिक पेशा और व्यवसाय से जुडे अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों का इधर कुछ वर्षों में रुझान व्यवसायिक पाठ्यक्रमों की ओर बढ़ा है। अब समुदाय के लोग जागरूक हो रहे हैं और नौकरी पेशे की ओर अग्रसर हो रहे हैं। दीनी तालीम के साथ मदरसों में भी अंग्रेजी व अन्य पाठ्यक्रम की शिक्षा दी जा रही हैं।

क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय के वरिष्ठ सहायक राकेश मौर्य का कहना है कि सरकार के मिशन रोजगार योजना से लोगों में पंजीकरण के प्रति रुचि बढ़ी है। विभाग लगातार रोजगार मेलों का आयोजन कर तमाम निजी कंपनियों के माध्यम से बेरोजगार अभ्यर्थियों को रोजगार दिलाने में जुटा है। आने वाले दिनों में पंजीकरण कराने वाले बेरोजगारों की तादाद में इजाफा होगा।

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