खटीमा: नेपाल सीमा से सटे मेलाघाट क्षेत्र में सरकारी जमीन पर बनाए जा रहे चर्च पर गरजी जेसीबी, विरोध में उतरीं महिलाएं

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खटीमा, अमृत विचार। नेपाल सीमा से सटे क्षेत्र के संवेदनशील मेलाघाट क्षेत्र में सरकारी भूमि में चर्च के निर्माण की सूचना को प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए निर्माण कार्य को जेसीबी से ध्वस्त करा दिया। प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में कुछ महिलाओं द्वारा पत्थर चलाए जाने से अफरा तफरी मच गई। एसडीएम रवींद्र …

खटीमा, अमृत विचार। नेपाल सीमा से सटे क्षेत्र के संवेदनशील मेलाघाट क्षेत्र में सरकारी भूमि में चर्च के निर्माण की सूचना को प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए निर्माण कार्य को जेसीबी से ध्वस्त करा दिया। प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में कुछ महिलाओं द्वारा पत्थर चलाए जाने से अफरा तफरी मच गई। एसडीएम रवींद्र सिहं बिष्ट ने पुलिस बल बुलाकर अतिक्रमण को ध्वस्त करा दिया। वहीं अतिक्रमण का मुख्य आरोपी गायब हो गया। एसडीएम ने संबंधित क्षेत्र के पटवारी को चेतावनी दी कि उनके क्षेत्र में सरकारी भूमि में अतिक्रमण होता मिला तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि शनिवार को ही शिव सैनिकों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मेलाघाट क्षेत्र में सरकारी भूमि में अतिक्रमण कर चर्च व गरीब हिंदुओं के धर्मांतरण के प्रयास के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। इधर, एसडीएम बिष्ट ने जांच में भूमि सरकारी जंगल झाड़ी में दर्ज मिलने पर टीम के साथ रविवार को मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य को जेसीबी से तोड़ना शुरू किया। उनके साथ तहसीलदार शुभांगनी व राजस्व टीम मौजूद रही।

इस बीच सूचना मिलते ही अतिक्रमण के समर्थन में अनेक महिलाओं ने कड़ा रोष जताया और एकाएक पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। जिससे हड़कंप मच गया। एसडीएम बिष्ट ने तत्काल झनकईया थाने से फोर्स मंगाया। झनकईया एसओ रवींद्र बिष्ट फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने जेसीबी से अतिक्रमण को ध्वस्त कराया।

एसडीएम ने बताया कि जांच में उक्त भूमि सरकारी जंगल झाड़ी में दर्ज है। ऐसी भूमि पर कोई भी धार्मिक संरचना का निर्माण नहीं हो सकता है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट का दिसंबर 2009 का आदेश है। यह आंगनबाड़ी के केंद्र के पास बना है। बताया कि अवैध चर्च का निर्माण करने वाले आरोपी बाबी जार्ज मौके पर नहीं मिला। अतिक्रमण हटाने के दौरान पत्थर बाजी हुई, इस पर पुलिस बल को बुलाना पड़ा। उन्होंने कहा कि संबंधित क्षेत्र के पटवारी को कड़े निर्देश दे दिए हैं। साथ चेतावनी दी है कि उनके क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण होता मिला तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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