हल्द्वानी: आईवीआरआई के वैज्ञानिकों से काश्तकारों ने जानीं कृषि और पशुपालन की बारीकियां
हल्द्वानी, अमृत विचार। भारत सरकार की अनुसूचित जाति उप योजना के अंतर्गत किसानों को खेती और पशु पालन को लेकर जागरुक किया गया। इस दौरान उन्हें पशुओं के स्वास्थ्य से जुड़ीं कई अहम जानकारियां दी गईं, साथ ही उन्हें संतरे, माल्टा और नींबू के पौधे वितरित किए गए। इन पौधों से जुड़ीं सामाजिक व आर्थिक …
हल्द्वानी, अमृत विचार। भारत सरकार की अनुसूचित जाति उप योजना के अंतर्गत किसानों को खेती और पशु पालन को लेकर जागरुक किया गया। इस दौरान उन्हें पशुओं के स्वास्थ्य से जुड़ीं कई अहम जानकारियां दी गईं, साथ ही उन्हें संतरे, माल्टा और नींबू के पौधे वितरित किए गए। इन पौधों से जुड़ीं सामाजिक व आर्थिक लाभों के बारे में भी बताया गया।
आईवीआरआई मुक्तेश्वर द्वारा बुधवार को रामगढ़ और धारी ब्लॉक के धरमोली, गहना एवं सलियाकोट गांव में पशु-चिकित्सा शिविर लगाया गया। पशुपालन और कृषि संबंधित सामग्री वितरित की गई। कार्यक्रम में 250 किसानों ने भाग लिया। टीम के अनुसार किसानों की आजीविका बढ़ाने हेतु 4000 नींबू, माल्टा और संतरा के पौधे बांटे गये।
कृषि वानिकी वैज्ञानिक डॉ. निधि शर्मा ने इन पौधों के महत्व के बारे में बताया। लाभार्थियों को एक्टो-एंडो परजीवी और ट्रेस मिनरल और विटामिन जैसी दवाओं के रूप में किट भी दी गई। डॉ. नीतीश सिंह खरायत और डॉ. अमोल गुरव ने दवाओं के उपयोग के बारे में बताया। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. करम चंद नेगी ने कार्यक्रम का समन्वयन किया।
