झगड़े की आशंका में होंगे पांच लाख से पाबंद: एसपी
कन्नौज। छोटी-छोटी बात कई बार बड़ी रंजिश और फिर रंजिश जानलेवा संघर्ष तक पहुंच जाती है। कई बार लोगों की जान चली जाती है तो कई बार जान जाने की स्थिति बनती है। माना जा रहा है कि दो पक्षों या पारिवारिक रंजिश का पहले से पता चल जाए तो काफी हद तक अनहोनी को …
कन्नौज। छोटी-छोटी बात कई बार बड़ी रंजिश और फिर रंजिश जानलेवा संघर्ष तक पहुंच जाती है। कई बार लोगों की जान चली जाती है तो कई बार जान जाने की स्थिति बनती है। माना जा रहा है कि दो पक्षों या पारिवारिक रंजिश का पहले से पता चल जाए तो काफी हद तक अनहोनी को रोका जा सकता है। इसी सोच के साथ एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने एक महीने के अभियान की शुरुआत की है।
इसमें जिले में कार्यरत करीब 1300 बीट सिपाहियों की जिम्मेदारी तय की है। उनके द्वारा ऐसे लोग चिन्हित किए जाएंगे जो भविष्य में कानून व्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकते हैं और उनको 107/116 के तहत पांच लाख रुपये से पाबंद किया जाएगा। यह जानकारी देते हुए एसपी ने बताया कि पिछले दिनों छिबरामऊ में पुरानी रंजिश को लेकर तनाव पनपता रहा और और स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता से दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। इसका परिणाम पिता-पुत्र की मौत के रूप में सामने आया।
मामले आरोपियों को गिरफ्तार किया गया वहीं पुलिस की भी जवाबदेही तय करते हुए चौकी इंचार्ज व बीट सिपाही को निलंबित कर दिया। कारण यह कि प्रमपुर चौकी क्षेत्र के सबलपुर में दो पक्षों में इतना बड़ी रंजिश पल रही थी लेकिन न तो चौकी इंचार्ज और न ही बीट सिपाही को इस बात की भनक लगी। उन्होंने बताया कि केवल 10 थानों और 70-80 चौकियों के भरोसे हर गांव पर नजर नहीं रखी जा सकती है। प्रत्येक बीट सिपाही के जिम्मे गांव के 25 लोगों से संपर्क रखने की जिम्मेदारी होगी।
वह इस बात पर नजर रखेंगे कि कहीं कोई रंजिश, झगड़े या तनाव की नौबत तो नहीं है। 25 दिन तक यानी 30 सितंबर तक चलने वाले अभियान में ऐसे लोगों की सूची बीट सिपाही उपलब्ध कराएंगे। उनको साधारण नहीं बल्कि 5-5 लाख रुपये से पाबंद किया जाएगा। इसके बाद भी कोई घटना होती है तो कार्रवाई भी तगड़ी होगी।
जब इतनी बड़ी रकम से पाबंद किया जाएगा तब अपराध करने से भी लोग डरेंगे क्योंकि राशि जब्त होने का भय रहेगा। निगरानी के काम में बीट सिपाही लापरवाही बरतता है तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी। अभियान के दौरान उनकी हर बिंदु पर नजर रहेगी। यह अभियान ठीक से चल गया तो उम्मीद है को गांवों में होने वाले झगड़ों आदि पर लगाम लग सकती है।
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