अनलाक-1 और संक्रमण

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Edited By Amrit Vichar
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8 जून से देश के तमाम हिस्सों में अनलाक-1 के तहत होटल, मंदिर, मॉल आदि खुलेंगे। हालांकि तमाम प्रदेशों में 1 जून के बाद से ही सुबह 7 से शाम 9 बजे तक बाजार खुल चुके हैं। अब बाजारों में हर तरह के प्रतिष्ठान खुल जाएंगे और लोगों की जिंदगी का ढर्रा लगभग सामान्य होने …

8 जून से देश के तमाम हिस्सों में अनलाक-1 के तहत होटल, मंदिर, मॉल आदि खुलेंगे। हालांकि तमाम प्रदेशों में 1 जून के बाद से ही सुबह 7 से शाम 9 बजे तक बाजार खुल चुके हैं। अब बाजारों में हर तरह के प्रतिष्ठान खुल जाएंगे और लोगों की जिंदगी का ढर्रा लगभग सामान्य होने की तरफ बढ़ेगा। मगर इसके साथ ही चिंता की बात यह है कि देश में लाकडाउन खुलने के साथ ही कोरोना संक्रमण के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं।

शनिवार को संक्रमण के करीब 10,000 नए केस सामने के बाद कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2,46, 549 पहुंच गई है। इसके बाद भारत ने स्पेन (2,41,310) को भी पीछे छोड़ दिया। भारत अब कोरोना वायरस महामारी से सबसे बुरी तरह से प्रभावित दुनिया का पांचवां देश बन गया है। अब अमेरिका (19,06,060), ब्राजील (6,14,941), रूस (4,58,102) और ब्रिटेन (2,86,294) ही इस मामले में भारत से आगे हैं। इस पूरे परिदृश्य में एक ही राहत की बात है कि अमेरिका, ब्राजील और स्पेन के मुकाबले देश में कोरोना से मृत्यु दर कम है। भारत में अब तक कोरोना से 6,642 लोगों की मौत हो चुकी है।

मगर अब चूंकि लाकडाउन खत्म होने की तरफ देश बढ़ रहा है तो ज्यादा सावधान होने की जरूरत है। अब भी देखने में यह आ रहा है कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग समेत सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा उपायों की अनदेखी कर रहे हैं। गंभीर बात यह है कि एक बार अगर समुदाय संक्रमण की तरफ देश बढ़ गया तो फिर स्थिति संभाले नहीं संभलेगी। जनसंख्या घनत्व के हिसाब से हमारा देश कोरोना के समुदाय संक्रमण पर काबू नहीं पा सकता है।

सरकारों ने 8 जून से मंदिरों समेत सार्वजनिक स्थलों पर जाने के लिए गाइड लाइन जारी कर दी हैं। इसके मुताबिक भीड़ प्रबंधन पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जाना है। यह होना भी चाहिए क्योंकि महामारी के इस वक्त के दौर में सुरक्षा उपायों पर फोकस किया जाना ही सर्वोपरि है। करीब दो महीने के लाकडाउन के बाद अर्थव्यवस्था को भी पटरी पर लाने के लिए लाकडाउन खोलना जरूरी था लिहाजा ऐसा कदम उठाया गया है।

मगर इन सबके बीच सरकारों को यह भी सोचना होगा कि लगातार संक्रमण के बढ़ते मामलों पर कैसे काबू पाया जाए। जिस गति से कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है वह अब तक हुए लाकडाउन की सारी मेहनत पर पानी फेरता हुआ ही दिख रहा है। लिहाजा अब और ज्यादा सावधान होने की जरूरत है और यह सावधानी लोगों के व्यक्तिगत स्तर पर ही संभव है। लोगों को खुद की रक्षा करनी है, और ऐसा तभी संभव है जब वह सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन का पालन कर खुद भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी संक्रमित होने से रोकें।