अपना बचाव आप
हम खतरनाक कोरोनो वायरस के प्रकोप के चलते लंबे समय तक लाकडाउन में रहे हैं। अब देश के विभिन्न हिस्सों में मॉल, रेस्तरां और पूजा स्थलों को फिर से खोलने के साथ अनलॉक के पहले चरण में हैं। जबकि मामले अभी भी बढ़ रहे हैं और कोविड -19 को लेकर लापरवाह होना गंभीर साबित हो …
हम खतरनाक कोरोनो वायरस के प्रकोप के चलते लंबे समय तक लाकडाउन में रहे हैं। अब देश के विभिन्न हिस्सों में मॉल, रेस्तरां और पूजा स्थलों को फिर से खोलने के साथ अनलॉक के पहले चरण में हैं। जबकि मामले अभी भी बढ़ रहे हैं और कोविड -19 को लेकर लापरवाह होना गंभीर साबित हो सकता है। कोरोना के बढ़ते मामलों के साथ अब हम दुनिया के पांच सर्वाधिक प्रभावित देशों में शामिल हो चुके हैं। जिस तेजी से रोगियों की संख्या बढ़ रही है, उसमें पांचवें नंबर से हम और ऊपर पहुंच जाएंगे, इसकी प्रबल आशंका है।
कोरोना वायरस मुख्य रूप से दिल्ली, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और हरियाणा में केन्द्रित है। हरियाणा में हर छह दिन में मामले दोगुने हो जाते हैं। कोरोना के खतरे की गंभीरता को जानबूझ कर न समझने की शुतुरमुर्गी प्रवृत्ति के कारण ही देश तीन महीनों में 12 वें से पांचवें स्थान पर आ गया है। फिलहाल अमेरिका, रूस, ब्रिटेन और ब्राजील हमसे आगे हैं। लेकिन ये देश जनसंख्या के मामले में हमसे पीछे और स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में हमसे आगे हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार अच्छी खबर यह है कि मामलों को दोगुना होने में अधिक समय लग रहा है। डब्ल्यूएचओ के वरिष्ठ अधिकारी माइकल रयान ने कहा है कि भारत में मामलों की संख्या औसतन प्रति सप्ताह एक तिहाई बढ़ रही है। यह अच्छी बात है कि भारत में युवा आबादी अधिक होने की वजह से विश्व स्तर पर मृत्यु दर सबसे कम है।
दिल्ली में पिछले महीने एक अध्ययन में पाया गया कि कोविड -19 की लगभग आधी मौतें 60 से कम उम्र के लोगों की थीं। सरकार ने नियम बनाकर अपना बचाव आप करने की जिम्मेदारी नागरिकों को दे दी है। आधिकारिक सलाह है कि मास्क पहनें, दूसरों से कम से कम दो मीटर की दूरी पर रहें, अपने हाथों को अच्छी तरह से धोएं और बार-बार और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से दूर रहें। यदि आप किसी से मिल रहे हैं तो जितना हो उससे दूरी बनाएं।
