सही प्रबंधन जरूरी
उच्चतम न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लेते हुए दिल्ली सरकार के साथ ही महाराष्ट्र, तमिलनाडु सरकारों के खिलाफ शुक्रवार को जो सख्त टिप्पणी की, उससे साफ है कि कोरोना मरीजों को उपचार मिलने के मामले में सरकारों का रवैया संवेदनशील नहीं है। कोरोना से मौत के बाद शवों की अंत्येष्टि समेत अन्य मुद्दों पर भी सुप्रीम …
उच्चतम न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लेते हुए दिल्ली सरकार के साथ ही महाराष्ट्र, तमिलनाडु सरकारों के खिलाफ शुक्रवार को जो सख्त टिप्पणी की, उससे साफ है कि कोरोना मरीजों को उपचार मिलने के मामले में सरकारों का रवैया संवेदनशील नहीं है। कोरोना से मौत के बाद शवों की अंत्येष्टि समेत अन्य मुद्दों पर भी सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है तो यह विषय अवश्य ही चिंतनीय हो जाता है।
देश में लाकडाउन समाप्त होने के क्रम में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में तो यह बात और भी डरावनी लगती है कि अस्पतालों में कोरोना मरीजों को लेकर प्रबंधन ठीक नहीं है। वह भी तब जब अस्पतालों के पास पर्याप्त बैड और सुविधाएं उपलब्ध हैं। कोरोना मरीजों की टेस्टिंग को लेकर भी अब सरकारों पर सवाल उठना शुरू हो गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा है कि टेस्टिंग एक दिन में 7 हजार से 5 हजार तक कम क्यों हो गई हैं जबकि मुंबई और चेन्नई में यह टेस्टिंग 15 हजार से 17 हजार हो गई है। दिल्ली में इस वक्त गाजियाबाद, नोएडा के मुकाबले 40 गुना ज्यादा मरीज हैं। ऐसे में अगर वहां टेस्टिंग की संख्या में कमी हो रही है तो यह चिंतनीय है। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच तो अस्पतालों में मरीजों का प्रबंधन और टेस्टिंग लगातार बढ़ाए जाने की जरूरत है।
कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या तो अब वाकई चिंतित करने वाली है। पिछले 24 घंटों में देश में संक्रमित मरीजों की संख्या पहली बार 10 हजार के आंकड़े को पार कर चुकी है। देश में संक्रमित मरीजों की संख्या अब 2.97 लाख से ज्यादा हो चुकी है। भारत अब दुनिया में अमेरिका, ब्राजील, रूस के बाद कोरोना मरीजों की संख्या में मामले में चौथे नंबर पर आ चुका है। कोरोना संक्रमण के मामलों की बढ़ती रफ्तार के बाद जाहिर है अस्पतालों को और अधिक संसाधनों के साथ तैयार रहना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने अगर सरकारों से इस मुद्दे पर जवाब मांगा है तो यह महत्वपूर्ण बात है। सरकारों को बताना होगा कि आखिर ज्यादा संख्या में मरीजों में संक्रमण बढ़ने की स्थिति में उनकी तैयारियां क्या हैं। अब तक संक्रमण रोकने के लिए उन्होंने क्या-क्या उपाय किए। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच सरकारों के साथ ही लोगों को भी जिम्मेदारी से काम लेते हुए अपनी भूमिका समझनी होगी। उम्मीद की जानी चाहिए कि कोरोना संक्रमण के मामले धीरे-धीरे कम हों और इस महामारी से देश को जल्द से जल्द निजात मिले।
