स्पष्ट संदेश
कोरोनाकाल में देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चाहे ग्राम प्रधान हो या देश का प्रधान, नियम कानून से ऊपर कोई नहीं है, अनलॉक-1 के बाद लोग सावधानियों के प्रति लापरवाही दिखा रहे हैं। संदेश साफ था कि वर्तमान परिदृश्य में अनलॉक-2 के चरण के साथ ही लोगों को लाकडाउन …
कोरोनाकाल में देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चाहे ग्राम प्रधान हो या देश का प्रधान, नियम कानून से ऊपर कोई नहीं है, अनलॉक-1 के बाद लोग सावधानियों के प्रति लापरवाही दिखा रहे हैं। संदेश साफ था कि वर्तमान परिदृश्य में अनलॉक-2 के चरण के साथ ही लोगों को लाकडाउन जैसी ही सावधानी रखनी है। किसी भी तरह से कोरोना की लड़ाई के खिलाफ लापरवाह नहीं होना है।
पीएम ने गरीब वर्ग का ध्यान रखते हुए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का दीवाली तक विस्तार करने का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत नवंबर तक देश के 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज मिलेगा। इससे उस तबके को राहत मिलेगी जो कोरोना लाकडाउन के दौरान अपना काम धंधा खो बैठा था और अनलॉक चरण शुरू होने के बाद भी जिसे अपनी रोजी-रोटी की व्यवस्था करने में अभी समय लगेगा। चूंकि लाकडाउन के तहत गरीब तबके को ही सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है, यह नुकसान भी दीर्घकालिक है। संभवत: इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ने नवंबर तक मुफ्त अनाज की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री के संबोधन की सबसे महत्वपूर्ण बात थी लोगों का कोरोना के प्रति सावधानी बरते जाने में लापरवाही का जिक्र। लोगों को समझ में आए कि सावधानी ही फिलहाल कोरोना के खिलाफ लड़ाई का एक मात्र हथियार है, जिसे लेकर लोग लापरवाही बरत रहे हैं। प्रधानमंत्री ने उदाहरण के तौर पर समझाना भी चाहा कि मास्क नहीं पहनने पर एक देश के प्रधानमंत्री पर जुर्माना लगा था। जाहिर है संदेश साफ है कि लोग अनलॉक के दौरान किसी भी स्तर से कोरोना के खिलाफ लड़ाई में लापरवाही न बरतें।
इस बात पर कोई दो-राय नहीं है कि कोरोना संक्रमण शुरू होने के बाद देश में लाकडाउन होने के चलते ही इस महामारी के व्यापक प्रसार पर नियंत्रण हो सका है। ऐसा इसलिए हुआ कि लोगों ने बीमारी की भयावहता समझते हुए सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन का पूरी तरह पालन किया। अब चूंकि लाकडाउन धीरे-धीरे हटने की तरफ देश बढ़ रहा है तो लोगों में एक तरह की बेफिक्री घर कर रही है। इस स्थिति से देशवासियों को बचना होगा अन्यथा अब तक मजबूती से कोरोना के खिलाफ लड़ी गई लड़ाई के बाद सारी मेहनत पर पानी फिर सकता है।
वैसे भी विश्व स्वास्थ्य संगठन पहले ही चेता चुका है कि जुलाई में कोरोना महामारी अपने सबसे रौद्र रूप में होगी। लिहाजा इस स्थिति से बचने के लिए सबसे महत्वपूर्ण हथियार है नियमों का पालन, जैसा कि प्रधानमंत्री ने भी कहा है। लिहाजा प्रधानमंत्री के स्पष्ट संदेश को समझने के साथ ही हमें अब और ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है ताकि खुद और समाज का भला हो सके।
