लखीमपुर-खीरी: कई गांवों के किसानों ने महेशपुर रेंज कोठी पर किया हंगामा, बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा दिलाने की उठाई मांग
ममरी-खीरी, अमृत विचार। नेपाली हाथियों के बढ़ते आतंक से गुस्साए मोहम्मदी रेंज क्षेत्र के गांव सहजनिया, मुकुंदापुर, मस्तीपुर, गूजरपुर के तमाम किसानों ने शनिवार को महेशपुर रेंज में हंगामा करते हुए रेंजर का घेराव कर हाथियों को भगाने, बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा दिलाने की मांग उठाई। ग्राम प्रधान कालीचरन के साथ महेशपुर रेंज कोठी …
ममरी-खीरी, अमृत विचार। नेपाली हाथियों के बढ़ते आतंक से गुस्साए मोहम्मदी रेंज क्षेत्र के गांव सहजनिया, मुकुंदापुर, मस्तीपुर, गूजरपुर के तमाम किसानों ने शनिवार को महेशपुर रेंज में हंगामा करते हुए रेंजर का घेराव कर हाथियों को भगाने, बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा दिलाने की मांग उठाई।
ग्राम प्रधान कालीचरन के साथ महेशपुर रेंज कोठी पहुंचे सहजनिया के प्रभूदयाल, शिवकुमार, रविंद्र, पट्टे, छत्रपाल, बलराम, राजेश, कामता प्रसाद, रामश्री, मनोज, मोतीलाल, सुधीर, ब्रह्मादीन, रामनाथ, संतराम, जगदीश, संतोष, कालीचरण, रामनरेश, रविंद्र कुमार, केशवराम, मस्तीपुर के अमरजीत सिंह, अवतार सिंह आदि किसानों ने हंगामा करते हुए रेंजर नरेशपाल सिंह का घेराव कर अपना दुखड़ा सुनाया।
किसानों का कहना था कि तीन दिनों में हाथियों के झुंड में उनके खेतों में खड़ी सैकड़ों बीघा गन्ना, धान की फसल रौंद कर तहस-नहस कर डाली है। उन्होंने बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा दिलाने की मांग की। जिस पर रेंजर ने उन्हें हुए नुकसान की तहरीर देने और लेखपाल से सर्वे कराने, पेड़ पर साउंड रखकर ध्वनि बजाने की सलाह दी।
किसानों का आरोप था कि पिछले वर्ष हुए नुकसान का मुआवजा उन्हें अब तक नहीं मिल पाया है। साथ ही किसानों ने सूची बनाने वाले वन कर्मियों पर पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए हाथियों को भगाने की मांग उठाई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि हाथियों को भगाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो अगली बार डीएफओ कार्यालय का घेराव कर हंगामा किया जाएगा। जिस पर रेंजर ने हाथियों के हमले में दो वन कर्मी घायल होने का हवाला देकर उन्हें जैसे तैसे शांत किया।
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