बरेली: लखनऊ में पिटबुल डॉग दे चुका है दो घटनाओं को अंजाम, यहां नगर निगम अनजान
सुरेश पांडेय/बरेली, अमृत विचार। दो माह पहले लखनऊ में पालतू पिटबुल डॉग ने अपनी मालकिन की जान ली थी। फिर एक और पिटबुल डॉग बच्चे पर हमलावर हो गया। दो घटनाएं होने से पिटबुल समेत कई प्रजातियों के डॉग को पालने वाले लोग घबरा गए हैं। अब पालतू कुत्तों की नस्ल और संख्या को लेकर …
सुरेश पांडेय/बरेली, अमृत विचार। दो माह पहले लखनऊ में पालतू पिटबुल डॉग ने अपनी मालकिन की जान ली थी। फिर एक और पिटबुल डॉग बच्चे पर हमलावर हो गया। दो घटनाएं होने से पिटबुल समेत कई प्रजातियों के डॉग को पालने वाले लोग घबरा गए हैं। अब पालतू कुत्तों की नस्ल और संख्या को लेकर सतर्कता बरत रहे हैं, लेकिन बरेली नगर निगम इसके प्रति लापरवाह बना हुआ है।
अधिकारियों ने शहर में कुत्तों के पंजीयन को लेकर सक्रियता नहीं दिखाई है। महानगर कॉलोनी समेत शहर में भी चार खतरनाक पिटबुल डॉग हैं। इनके बारे में नगर निगम के अधिकारी अनजान हैं। महानगर कालोनी में कुत्ते पालने के लोग शौकीन हैं। अकेले इसी कालोनी में करीब 150 पालतू कुत्ते हैं।
इसी तरह अन्य कालोनियों की बात करें तो दो दर्जन से अधिक वीआईपी कालोनियों में करीब 500 से अधिक कुत्ते पाले जाते हैं। विभिन्न इलाकों में खुली क्लिनिक में लोग कुत्तों का इलाज कराने भी जाते हैं, लेकिन निगम में मात्र 26 पालतू कुत्ते ही पंजीकृत हैं। इनमें पिटबुल डॉग का पंजीकरण नहीं है।
नगर निगम में आनलाइन पंजीयन की प्रक्रिया ठप है। ऑफलाइन पंजीयन में लोग निगम कार्यालय के चक्कर लगाना नहीं चाहते हैं। इसका शुल्क मात्र 10 रुपये हैं। आनलाइन पंजीयन में 18 लोगों ने पालतू कुत्तों का पंजीयन कराया है। ऑफलाइन में मात्र आठ लोगों के ही लेब्रोडोर, जर्मन शेफर्ड, प्रजाति के पालतू कुत्ते ही पंजीकृत हैं।
जानकार बताते हैं कि इज्जतनगर, ग्रीन पार्क, महानगर कालोनी, राजेन्द्र नगर, रामपुर गार्डन, डीडीपुरम, एकता नगर, आवास विकास कालोनी, सुभाष नगर, बदायूं रोड, पीलीभीत रोड, मिनी बाईपास, कर्मचारी नगर सहित कई मोहल्लों में भी लोग कुत्तों को पाल रहे हैं। सुबह-शाम कुत्तों के मालिक इनको टहलाते भी दिखाई देते हैं।
ऑफलाइन पंजीयन की यह है प्रक्रिया
नगर निगम कार्यालय में जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र कार्यालय के पास ही पालतू कुत्तों के रजिस्ट्रेशन का फ्री फार्म मिलता है। इसे भरने के बाद इसमें कुत्ते के वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट और कुत्ते की फोटो लगानी होगी। साथ ही कुत्ते के मालिक का एड्रेस प्रूफ लगाना होगा।
नगर आयुक्त बोलीं- सुबह-शाम टहलाते मिलने पर कुत्ते मालिक का होगा चालान
लखनऊ में पिटबुल डॉग के हिंसक होने की दूसरी घटना के बाद नगर नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स ने पशु कल्याण अधिकारी से पालतू कुत्तों के रजिस्ट्रेशन की जानकारी ली है और कम संख्या होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए इसमें सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से संपन्न लोग शौक में कुत्ता पाल रहे हैं, लेकिन इनका रजिस्ट्रेशन नहीं करा रहे हैं। इनका औचक निरीक्षण कराने को कहा।
निर्देश दिए कि सुबह शाम लोग घरों से कुत्ता टहलाने निकलते हैं। टहलाने के दौरान पालतू कुत्ते गंदगी फैलाते हैं। गंदगी फैलाने पर जुर्माना करने और उनका पंजीयन करने के निर्देश दिए। वैक्सीनेशन नहीं होने पर भी जुर्माना वसूला जाना चाहिए। नगर आयुक्त ने यह भी कहा कि सुबह निगम के सफाई कर्मी काम पर जाते हैं इन्हें भी अच्छी तरह पता होगा कि किस मोहल्ले के किस घर में पालतू कुत्ता पला है। इनसे भी जानकारी लेकर पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। नगर आयुक्त बोलीं, सुबह – शाम कुत्ते टहलाने निकलने वालों का चालान भी किया जाएगा।
पशु कल्याण अधिकारी नगर निगम डा. आदित्य तिवारी का कहना है कि शहर के विभिन्न इलाकों में क्लिनिक चला रहे पशु चिकित्सक से संपर्क करके जानकारी की जाएगी कि उनके पास कहां-कहां के लोग पालतू कुत्तों का इलाज कराने आ रहे हैं। उनसे भी जानकारी लेकर रजिस्ट्रेशन बढ़ाया जा सकता है, अभी पंजीकरण शुल्क कम हैं। इसे बढ़ाने के लिए विचार किया जाएगा।
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