खालिस्तानी संगठनों से जुड़े नौ व्यक्ति आतंकवादी घोषित
नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने विभिन्न खालिस्तान संगठनों से जुड़े नौ लोगों को राष्ट्र विरोधी गतिविधि चलाने के लिए गैरकानूनी गतिविधियां (निषेध) अधिनियम 1967 के तहत आतंकवादी घोषित कर दिया। मंत्रालय ने इससे पहले भी पिछले वर्ष चार व्यक्तियों को इस अधिनियम के तहत आतंकवादी घोषित किया था। खालिस्तान आंदोलन से जुड़े जिन लोगों …
नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने विभिन्न खालिस्तान संगठनों से जुड़े नौ लोगों को राष्ट्र विरोधी गतिविधि चलाने के लिए गैरकानूनी गतिविधियां (निषेध) अधिनियम 1967 के तहत आतंकवादी घोषित कर दिया। मंत्रालय ने इससे पहले भी पिछले वर्ष चार व्यक्तियों को इस अधिनियम के तहत आतंकवादी घोषित किया था।
खालिस्तान आंदोलन से जुड़े जिन लोगों को आतंकवादी घोषित किया है उनमें पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी संगठन “बब्बर खालसा इंटरनेशनल” का प्रमुख वाधवा सिंह बब्बर, पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी संगठन “इंटरनेशनल सिख यूथ फ़ैडरेशन” का प्रमुख लखबीर सिंह , पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी संगठन “खालिस्तान ज़िंदाबाद फोर्स” का प्रमुख रणजीत सिंह, पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी संगठन “खालिस्तान कमांडो फोर्स” का प्रमुख परमजीत सिंह शामिल हैं।
इसके अलावा जर्मनी में रहने वाला आतंकवादी संगठन “खालिस्तान ज़िंदाबाद फोर्स” का प्रमुख सदस्य भूपिंदर सिंह भिंडा और गुरमीत सिंह बग्गा, अमरीका में रहने वाला गैरकानूनी संस्था “सिख फॉर जस्टिस” का प्रमुख सदस्य गुरपतवंत सिंह पन्नुन, कनाडा में रहने वाला “खालिस्तान टाइगर फोर्स” का प्रमुख हरदीप सिंह निज्जर और ब्रिटेन में रहने वाला आतंकवादी संगठन “बब्बर खालसा इंटरनेशनल” का प्रमुख परमजीत सिंह शामिल हैं।
ये सभी व्यक्ति सीमा पार और विदेशी धरती से आतंकवाद की विभिन्न घटनाओं में शामिल हैं। ये अपनी राष्ट्र विरोधी गतिविधियों और खालिस्तान आंदोलनों में शामिल होकर तथा उसके समर्थन के जरिये पंजाब में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर अपने घृणित कृत्यों से लगातार देश को अस्थिर करने का प्रयास कर चुके हैं।
सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता और आतंकवाद के खिलाफ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने किसी व्यक्ति को आतंकवादी नामज़द करने के प्रावधान को शामिल करने के लिए अगस्त 2019 में गैरकानूनी गतिविधियां (निषेध) अधिनियम 1967 में संशोधन किया था। इस संशोधन से पहले केवल संगठनों को ही आतंकवादी संगठन नामज़द किया जा सकता था।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले साल संसद में इस पर हुई बहस के दौरान आतंकवाद से मज़बूती से लड़ने की सरकार की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए इससे निपटने के राष्ट्र के संकल्प को दोहराया था। इस संशोधन के बाद सरकार ने सितंबर 2019 में कुख्यात आतंकवादियों मौलाना मसूद अजहर, हाफिज़ सईद, जाकि-उर-रहमान लखवी और दाऊद इब्राहिम को आतंकवादी नामज़द किया था।
