बेबस इमरान

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Edited By Amrit Vichar
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पाकिस्तानी स्टॉक एक्सचेंज में दो दिन पूर्व हुए आतंकी हमलों के पीछे अब भारत का हाथ होने संबंधी बयान दिया है तो उनकी बेतुकी बात पर किसी भी तरह की हैरानी नहीं है। ऐसा पाक पीएम ने कहना ही था, क्योंकि ऐसा नहीं कर वह आखिर यह संदेश कैसे …

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पाकिस्तानी स्टॉक एक्सचेंज में दो दिन पूर्व हुए आतंकी हमलों के पीछे अब भारत का हाथ होने संबंधी बयान दिया है तो उनकी बेतुकी बात पर किसी भी तरह की हैरानी नहीं है। ऐसा पाक पीएम ने कहना ही था, क्योंकि ऐसा नहीं कर वह आखिर यह संदेश कैसे देते कि वह भारत विरोध की पाकिस्तानी राजनीतिक पार्टियों की परंपरा को आगे बढ़ाने में कहीं भी पीछे हैं। क्योंकि पाकिस्तानी राजनीतिक दलों की यही परंपरा वहां की फौज को अच्छी लगती है, जिसके हाथ में अप्रत्यक्ष तौर पर पाकिस्तान सरकार की कमान है। जिसे किसी भी सूरत में पाक हुक्मरान नाराज नहीं कर सकते।

पाकिस्तानी विदेशी मंत्री शाह महमूद कुरैशी ऐसा पहले ही कह चुके थे। जबकि बलूचिस्तान आर्मी ने इस आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी ली थी, इसके बावजूद भारत पर हमले का आरोप लगाकर पाकिस्तान ने अपनी जग हंसाई ही करवाई है। एक तरह से पाक हुक्मरानों का यह मानसिक दिवालियापन भी दिखाता है कि अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी में भारत को बदनाम करने के लिए वह कुछ भी बयान दे सकता है। ऐसा कहकर आखिर पाकिस्तान क्या संदेश देना चाहता है?

एक तरफ वह खुद भारत में कई दशकों से पाक प्रायोजित आतंकवाद को सीधे तौर पर पाल-पोस रहा है तो दूसरी ओर अपने घर में ही खुद आतंक से घिरा हुआ है। जम्मू-कश्मीर को लेकर पाकिस्तान का जो रवैया रहा है उससे अब तक न जाने कितनी बार उसने भारत पर आतंकी हमले करवाए और यह बात पूरी दुिनया जानती है कि भारत कभी आतंक का पोषक नहीं रहा। भारत के खिलाफ आतंक के रूप में छद्म युद्ध चलाकर पाकिस्तान के हाथ तो कुछ नहीं लगा, उल्टा अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में उसकी कई बार किरकिरी जरूर हुई है।

पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज में हमले के पीछे बलूचिस्तान आर्मी के कबूलनामे के बावजूद इमरान खान का बयान हास्यास्पद होने के साथ ही यह भी दर्शाता है कि क्रिकेट की पिच से राजनीति की पिच तक पहुंचने वाला यह क्रिकेटर उस पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बना है जहां राजनेताओं की नहीं हमेशा फौज की चलती रही है। जहां की फौज ने कई बार तख्तापलट कर देश पर शासन चलाया है। जहां प्रधानमंत्री नहीं फौज के उस जनरल की चलती है जो कई बार प्रधानमंत्री के किसी निर्णय के उलट अपने निर्णय ले लेता है।

इमरान खान की राजनीतिक महत्वाकांक्षा ने उन्हें देश का प्रधानमंत्री बना तो दिया, मगर क्रिकेट का यह खिलाड़ी अब तक घरेलू और तमाम अंतर्राष्ट्रीय मामलों में अपने बयानों को लेकर जग हंसाई करवा चुका है। पाक के आतंकी हमले के बाद उनके बयान को भी इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।