बाराबंकी: गांव से लेकर शहर तक पानी ही पानी, जगह-जगह जलभराव, दो घायल
बाराबंकी। पिछले तीन दिनों से हो रही झमाझम बारिश ने नजर से लेकर गांव तक की सूरत बिगाड़ दी है। नगर के जिला चिकित्सालय के मुख्य द्वार और इमरजेंसी पानी से लबालब भरा हुआ है। इसी तरह शहर से मात्र 10 किलोमीटर दूरी पर राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ा विकासखंड मसौली का नेवला करसंडा गांव पानी …
बाराबंकी। पिछले तीन दिनों से हो रही झमाझम बारिश ने नजर से लेकर गांव तक की सूरत बिगाड़ दी है। नगर के जिला चिकित्सालय के मुख्य द्वार और इमरजेंसी पानी से लबालब भरा हुआ है। इसी तरह शहर से मात्र 10 किलोमीटर दूरी पर राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ा विकासखंड मसौली का नेवला करसंडा गांव पानी से पूरी तरह जलमग्न हो गया है।
गांव वासियों का आरोप है कि ग्राम प्रधान बारिश के बाद जलभराव देखने पर नाले की खुदाई करवाते हैं। जो बस खुदाई तक ही सीमित रह जाती है। गांव को जाने वाले मुख्य मार्ग पर व सरकारी स्कूल हमेशा की तरह इस बार भी जलमग्न हो गया है। लेकिन सर किसी जिम्मेदार ने हमारी सुध लेना मुनासिब नहीं समझा है। ऐसा ही कुछ हाल शहर की सड़कों और निचले इलाकों का है। जहां जल जमाव होने से लोगों का आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश ने एक बार फिर नगरपालिका और गांवों में जल निकासी के किए जाने वाले तमाम प्रयासों की पोल खोल कर रख दी है।नालियों में भरा कचरा जल जमाव होने से लोगों के घरों तक फैल रहा है। तेज बारिश के चलते नगर के ज्यादातर इलाकों में 2 फीट पानी जमा हो गया। जिससे बड़ी संख्या में लोग जूझते नजर आए।
नगर के नाले जाम कैसे हो निकासी
नगर के प्रमुख नाले जमुरिया और सत्यप्रेमी नगर को जाने वाला नाला कूड़ा कचरा मिट्टी बालू आदि से लबालब भरा है। नालों के जाम होने के कारण सड़कों पर गिरा पानी निकल नहीं पाया। जिससे बड़ी मात्रा में शहर की समस्त सड़कों पर नालियों का कचरा बाहर निकल आया। जबकि इससे पूर्व नगरपालिका ने शहर के सभी प्रमुख नालों की साफ सफाई करने का दावा किया था। जिसे लगातार हो रही बारिश ने शहर की साफ सफाई की कलाई खोल दी।
जलजमाव के इलाके
लगातार मूसलाधार बारिश के चलते शहर के कई हेलो में भारी जलजमाव हो गया। आजाद नगर, कटरा मोहल्ला, अभय नगर, दुर्गापुरी, गुलरियागादा, सुभाष नगर सत्यप्रेमी नगर, रसूलपुर, पीरबटावन सहित शहर के जितने भी निचली जगह है। वहां जलजमाव की समस्या से जूझते नजर आए।
सरकारी व गैर सरकारी स्कूल में रेनी डे हुआ घोषित
3 दिनों की बारिश के चलते शहर से लेकर गांव तक के ज्यादातर प्राथमिक व जूनियर हाई स्कूल विद्यालय पानी से लबालब भर गए। से जिला अधिकारी ने संज्ञान में लेकर सरकारी विद्यालयों में आज अवकाश घोषित करा दिया। लेकिन इसकी पूर्व सूचना ना होने से बड़ी संख्या में बच्चे स्कूल पहुंच गए। गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों ने भी बारिश को संज्ञान में लेकर रेनी डे घोषित कर दिया।
कई जगहों पर गिरे पेड़ व दीवाल
ऐसे कई दिनों से हो रही बरसात से शहर से लेकर गांव तक की सड़कों पर लगे जर्जर और हरे-भरे तने वाले पेड़ टूट कर गिर गए। जिससे घंटों आवागमन बाधित रहा। इसी तरह भारी बारिश के चलते जिले के थाना फतेहपुर के शाहपुर चकबेहरवा गांव में 5 साल पहले बनी पक्की दीवार भरभरा कर गिर गई। जिसके नीचे दबकर रामखेलावन की पुत्री लक्ष्मी देवी उर्फ रोली उम्र 14 वर्ष गंभीर रूप से घायल हो गई। जिसे इलाज के लिए परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
बढ़ने लगा घाघरा नदी का जलस्तर, छोड़ा गया दो लाख क्यूसेक पानी
पिछले 3 दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते घाघरा नदी का जलस्तर लगभग एक सेंटीमीटर बढ़ गया है। पूर्व में नदी अपने खतरे के निशान से नीचे 105.05 पर बह रही थी। जोकि अबबढ़कर 105. 646 पर पहुंच गई है। बाढ़ चौकी पर तैनात बाढ़ कर्मी से मिली जानकारी के मुताबिक आज सुबह नेपाल के बनबसा बैराज से दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जोकि कल शनिवार की रात यहां पहुंचेगा।
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