हल्द्वानी: शर्म करो सरकार! बारिश के बीच भीख मांगने को मजबूर प्रशिक्षित नर्सिंग बेरोजगार
हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड की ये कैसी तस्वीर है जहां पढ़ा लिखा प्रशिक्षित युवा सड़कों पर भीख मांगने को मजबूर है। लेकिन सरकार है कि उनकी सुध लेने के बजाय खामोश तमाशा देख रही है। इससे शर्मनाक तस्वीर क्या हो सकती है। शनिवार दोपहर जब झमाझम बारिश के बीच हर कोई घरों में ठिठुरा रहा …
हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड की ये कैसी तस्वीर है जहां पढ़ा लिखा प्रशिक्षित युवा सड़कों पर भीख मांगने को मजबूर है। लेकिन सरकार है कि उनकी सुध लेने के बजाय खामोश तमाशा देख रही है। इससे शर्मनाक तस्वीर क्या हो सकती है।
शनिवार दोपहर जब झमाझम बारिश के बीच हर कोई घरों में ठिठुरा रहा वहीं पिछले 49 दिनों से प्रदर्शन कर रहे नर्सिंग बेरोजगार तिकोनिया चौराहे के आसपास नैनीताल रोड पर भीख मांगने को मजबूर हो गए। जिसने भी यह नजारा देखा वह सरकार और सरकार की गलत नीतियों को कोसता नजर आया। सड़क चलते लोग कहते नजर आए कि एक तरफ पूरी भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाने, शुभकामनाएं देने और सेवा पखवाड़ा मनाने में व्यस्त हैं वहीं पढ़ा लिखा बेरोजगार भीख मांग रहा है। आखिर यह कैसी युवा सरकार है?
बताते चलें कि 2621 पदों पर वर्षवार नियुक्ति की मांग को लेकर एलिंग वेलफेयर नर्सेज फाउंडेशन के बैनर तले नर्सेज स्टाफ का बुद्ध पार्क तिकोनिया में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी है। नर्सिंग स्टाफ खून से सना पत्र प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री को लिख चुके हैं। शनिवार को नर्सिंग स्टाफ के सब्र का बांध टूट गया। हाथों में बर्तन लिए नर्सिंग स्टाफ ने नैनीताल रोड की दुकान दर दुकान जाकर अपने आंदोलन को संचालित करने के लिए भीख के रूप में आर्थिक सहायता देने की गुहार लगाते नजर आए। इस दौरान फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष बबलू ने सभी दुकानदारों को बताया कि सरकार किस तरह पिछले 49 दिन से हो रहे इस आंदोलन से आंखें चुरा कर बैठी हुई है। आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिवस है और उत्तराखंड सहित देशभर के बेरोजगार युवा इसे बेरोजगार दिवस के रूप में मना रहे हैं।
नर्सेज आंदोलनकारियों को समर्थन देने पहुंचे परिवर्तनकामी छात्र संगठन के युवाओं ने कहा कि जिन्होंने कोरोना काल में अदृश्य शत्रु के हाथ पर अपनी जान गिरवी रख कर प्रत्येक व्यक्ति की जान बचाने का काम किया, उनकी जायज मांगों को अनसुना करना, कहीं न कहीं भाजपा सरकार की हठधर्मिता और निरंकुशता का परिचायक है। इस मौके पर नर्सेज स्टाफ मुकेश, भगवती प्रसाद, राजेश, विशाल, गीता, बबीता, पछास संगठन से महेश, चंदन, विवेक, राहुल, ज्योति आदि रहे।
