जसपुर: देखरेख के अभाव में बदहाली के करीब पहुंची जसपुर की नादेही चीनी मिल
सुशील चौहान, जसपुर। वर्ष 1980 में तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. नारायण दत्त तिवारी द्वारा स्थापित की गई जसपुर क्षेत्र की नादेही चीनी मिल देखरेख व सफाई के अभाव में बदहाली की स्थिति में है। मिल परिसर में उगी घास-फूस व झाड़ियां इस मिल की बदहाली बता रही हैं। नादेही चीनी मिल जसपुर-भूतपुरी मार्ग पर जसपुर से …
सुशील चौहान, जसपुर। वर्ष 1980 में तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. नारायण दत्त तिवारी द्वारा स्थापित की गई जसपुर क्षेत्र की नादेही चीनी मिल देखरेख व सफाई के अभाव में बदहाली की स्थिति में है। मिल परिसर में उगी घास-फूस व झाड़ियां इस मिल की बदहाली बता रही हैं। नादेही चीनी मिल जसपुर-भूतपुरी मार्ग पर जसपुर से करीब 5 किमी की दूरी पर स्थित है।
इस चीनी मिल की स्थापना में तीन गांवों राजपुर, पूरनपुर व नादेही के किसानों ने अपनी कृषि भूमि दान करके मिल की स्थापना में ऐतिहासिक सहयोग किया था। इसीलिए इस मिल का नाम तीनों गांवों के नाम पर रखा गया है। चीनी मिल मिल के पूर्व जीएम डॉ. जीके गुप्ता के कार्यकाल में यह मिल राष्ट्रीय उत्पादकता पुरस्कार प्राप्त कर चुकी है, लेकिन इस चीनी मिल का दुर्भाग्य है कि इस का रखरखाव आज तक ठीक से नहीं हो पाया।
चीनी मिल में मुख्य द्वार से प्रवेश करते ही अव्यवस्था नजर आने लगती है। मिल के मुख्य द्वार से मिल के प्रशासनिक कार्यालय व मिल कारखाने की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग काफी समय से बदहाल अवस्था में है। मार्ग में जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। थोड़ी सी वर्षा होने पर भी गड्ढों में जल भराव हो जाता है और सड़क पर कीचड़ हो जाता है।
जिससे मिल में आने-जाने वाले मिल कर्मियों व किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मुख्य द्वार से मिल कारखाने के भीतर जाने वाला मार्ग भी दयनीय स्थिति में है। हल्की वर्षा होने पर मार्ग में कीचड़ हो जाती है। जिससे मिल कर्मियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मिल परिसर की अन्य सड़कें भी खस्ता हाल हैं। जिससे मिल कालोनी में रहने वाले लोग काफी परेशान हैं। जहां-तहां झाड़ियों को वर्षों से काटा नहीं गया है। जिससे इनमें सांप-बिच्छू के अलावा जंगली जानवरों के छिपे होने का भय भी बना रहता है।
