हल्द्वानी: गौला का जलस्तर बढ़ने से ढ़ाई लाख की आबादी पर गहराया पेयजल संकट
हल्द्वानी, अमृत विचार। भारी बारिश के चलते गौला नदी का जलस्तर 13558 क्यूसेक के पार चला गया, जिसे देखते हुए सिंचाई विभाग ने गौला बैराज के सभी गेट खोल दिए। साथ ही संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया। गौला बैराज के गेट खुलने से शीशमहल फिल्टर प्लांट के लिए पेयजल आपूर्ति बाधित रही। इस कारण …
हल्द्वानी, अमृत विचार। भारी बारिश के चलते गौला नदी का जलस्तर 13558 क्यूसेक के पार चला गया, जिसे देखते हुए सिंचाई विभाग ने गौला बैराज के सभी गेट खोल दिए। साथ ही संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया। गौला बैराज के गेट खुलने से शीशमहल फिल्टर प्लांट के लिए पेयजल आपूर्ति बाधित रही। इस कारण ढाई लाख से अधिक आबादी को पेयजल संकट से जूझना पड़ा।
शीशमहल फिल्टर प्लांट से हल्द्वानी शहर और ग्रामीण इलाकों में ढाई लाख से अधिक आबादी को पानी मिलता है। शनिवार को छह घंटे के लिए शीशमहल फिल्टर प्लांट को पानी नहीं मिला। इसके चलते शीश महल फिल्टर प्लांट से 35 एमएलडी की जगह शनिवार को सिर्फ पांच एमएलडी पानी की आपूर्ति हो पाई। वहीं बारिश से लोगों के घर-आंगन भले ही पानी से तरबतर हो गए मगर नलों में पानी की बूंद नहीं टपकी।
सिंचाई विभाग के अपर सहायक अभियंता मनोज तिवारी ने बताया कि गौला नदी का जलस्तर सुबह 10 बजे 12075 क्यूसेक दर्ज किया गया जबकि शाम को नदी का जलस्तर बढ़कर 13558 क्यूसेक पर पहुंच गया। नदी का जलस्तर बढ़ने से सुबह नौ बजे से गौला बैराज के सभी गेट खोल दिए गए थे।
इधर, नीलांचन कॉलोनी और डहरिया में ट्यूबवेल की मोटर खराब होने से 15,000 से अधिक आबादी को पेयजल संकट से जूझ रही है। स्थानीय लोगों ने जलसंस्थान से तत्काल ट्यूबवेल ठीक कर पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। टीपीनगर के एससी सती ने बताया कि नीलांचल कॉलोनी में ट्यूबवेल की मोटर हाईवोल्टेज से खराब हो गई थी। इसे ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है।
