हल्द्वानी: तीर्थस्थल सीतावनी की उपेक्षा से भड़का वाल्मीकि समाज, आंदोलन की चेतावनी
हल्द्वानी, अमृत विचार। तीर्थ स्थल सीतावनी की उपेक्षा से वाल्मीकी समाज में खासी नाराजगी है। सीतावनी की भूमि हस्तांतरित करते हुए रखरखाव की जिम्मेदारी संगठन को देने और दैनिक वेतन के सफाई कर्मचारियों को 500 रुपए प्रतिदिन देने समेत विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज भावाधस भीम संगठन ने आंदोलन शुरू कर दिया …
हल्द्वानी, अमृत विचार। तीर्थ स्थल सीतावनी की उपेक्षा से वाल्मीकी समाज में खासी नाराजगी है। सीतावनी की भूमि हस्तांतरित करते हुए रखरखाव की जिम्मेदारी संगठन को देने और दैनिक वेतन के सफाई कर्मचारियों को 500 रुपए प्रतिदिन देने समेत विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज भावाधस भीम संगठन ने आंदोलन शुरू कर दिया है।
संगठन ने वाल्मीकि पार्क हल्द्वानी में धरना दिया और नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि समस्याओं के निदान की मांग को लेकर लंबे समय से ज्ञापन भेजकर शासन प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया जा रहा है। लेकिन इस दिशा में कोई ध्यान नहीं देने से संगठन को मजबूरन आंदोलन करना पड़ रहा है। संगठन ने मांग की है कि सीतावनी की भूमि संस्कृति विभाग, वन विभाग से अलग कर रख रखाव की जिम्मेदारी भावाधस भीम को दी जाए। साथ ही इसे वाल्मीकि तीर्थ स्थल के नाम पर दर्ज करने, नई समिति तथा नई सड़कें बनाने की मांग भी की।
संगठन ने तीर्थ स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए घोषणा के अनुरूप 25 लाख प्रदान करने, आवासीय विद्यालय बनाने , संविदा व दैनिक वेतन कर्मचारियों को 500 रुपए प्रतिदिन देने, बीमा व स्वास्थ्य सुविधा देने, सफाई कर्मचारी की मृत्यु होने पर 50 हजार आर्थिक मदद देने जैसी मांगों को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात करने निर्णय लिया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर मांगों को अनसुना किया गया तो पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस मौके पर राष्ट्रीय प्रमुख वीरेश भीम अनार्य, एडवोकेट
