चित्रकूट: दुष्कर्म के दोषी को कोर्ट ने सुनाई दस साल की सजा

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चित्रकूट। मिर्जापुर निवासी एक युवक जिले की एक युवती को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करता रहा। जब युवती आजिज आ गई तो उसने उसकी रिपोर्ट दर्ज कराई। कोर्ट ने दोषी को दस वर्ष कारावास व एक लाख रुपये का अर्थदंड सुनाया है। मामला वर्ष 2017 का है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गोपाल दास …

चित्रकूट। मिर्जापुर निवासी एक युवक जिले की एक युवती को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करता रहा। जब युवती आजिज आ गई तो उसने उसकी रिपोर्ट दर्ज कराई। कोर्ट ने दोषी को दस वर्ष कारावास व एक लाख रुपये का अर्थदंड सुनाया है। मामला वर्ष 2017 का है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गोपाल दास ने बताया कि कर्वी कोतवाली में एक युवती ने वर्ष 2017 में धारा 376, 504, 506 भा.दं.सं. के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मिर्जापुर जिले के इमरती चौराहा निवासी अंशुमान पुत्र प्रवीण मोबाइल के जरिए उसके संपर्क में आया था।

दोस्ती बढ़ी तो उसने शादी का प्रस्ताव रखा, जिसके बाद एक फरवरी 2017 में लखनऊ में एक शादी समारोह में दोनों मिले। युवती का आरोप है कि उसने जबरन सिंदूर से उसकी मांग भरी और इच्छा के विरुद्ध एकांत में दुष्कर्म भी किया। बताया कि युवक कर्वी आने लगा और मध्य प्रदेश के चित्रकूट क्षेत्र में बने एक होटल में अलग-अलग तिथियों में शादी का झांसा देकर दुराचार करता रहा। जब उसने कोर्ट मैरिज को को लेकर उसकी बहानेबाजी देखी तो अंशुमान ने उसके साथ अभद्रता करते हुए गालीगलौज की और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था।

बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी विनीत नारायण पांडेय ने इस मामले में बुधवार को निर्णय सुनाया, जिसमें दोषसिद्ध होने पर अंशुमान को दस वर्ष कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की धनराशि में से एक तिहाई धनराशि बतौर प्रतिकर पीड़िता को अदा करने के भी आदेश दिए गए हैं।

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