उत्तराखंड: धरी रह गई युवाओं की CBI जांच की मांग, डीजीपी बोले- अंतिम चरण में UKSSSC पेपर लीक मामले की जांच

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Edited By Amrit Vichar
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देहरादून, अमृत विचार। यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में प्रदेश भर के युवाओं की सीबीआई जांच की मांग भले ही धामी सरकार अब तक पूरा नहीं कर सकी हो, इस बीच सरकार एसटीएफ जांच भी बंद करने जा रही है। मामले में डीजीपी अशोक कुमार का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि वर्तमान समय …

देहरादून, अमृत विचार। यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में प्रदेश भर के युवाओं की सीबीआई जांच की मांग भले ही धामी सरकार अब तक पूरा नहीं कर सकी हो, इस बीच सरकार एसटीएफ जांच भी बंद करने जा रही है। मामले में डीजीपी अशोक कुमार का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि वर्तमान समय में स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक मामले की जांच अंतिम चरण में है हालांकि, ऑनलाइन वन दरोगा भर्ती और वीडीओ वीपीडीओ भर्ती परीक्षा में हुई धांधली की जांच अभी चल रही है। ऐसा तब है जबकि अब तक भ्रष्टाचार के मामले में एक भी बड़ा सफेदपोश नेता और नौकरशाह गिरफ्तार नहीं हुआ है। ऐसे में युवा सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर एसटीएफ की यह कैसी जांच?

बताते चलें कि स्नातक स्तरीय परीक्षा में हुई पेपर लीक मामले में एसटीएफ टीम 18 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने के साथ ही गैंगस्टर एक्ट के तहत 21 आरोपियों पर ज्यूडिशल रिमांड पर ले चुकी है। यूकेएसएसएससी ने चार और पांच दिसंबर 2021 को स्नातक स्तर की परीक्षा तीन पालियों में आयोजित की थी जिसमें करीब एक लाख 60 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। जिस परीक्षा में 916 अभ्यर्थी चयनित हुए थे, लेकिन बेरोजगार संगठनों ने मुख्यमंत्री से मिलकर इस परीक्षा में हुई अनियमितताओं की जांच की मांग की थी। मामले में मुख्यमंत्री के निर्देश पर 22 जुलाई को मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें अब तक 41 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। लेकिन एक भी सफेदपोश नेता और नौकरशाह की गिरफ्तारी न होना कहीं न कहीं एसटीएफ की जांच पर सवाल तो खड़े करता ही है। यही वजह है कि युवा भी भ्रष्टाचार की भर्तियों की जांच सीबीआई से करने की मांग कर रहे हैं।

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