नैनीताल: एक महीने से लापता बच्चे का सुराग नहीं लगा सकी पुलिस, हाईकोर्ट का सख्त रुख

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नैनीताल, अमृत विचार। रामनगर के बसई स्थित जेएसआर स्पेशल स्कूल से करीब एक माह पूर्व गायब हुए बच्चे के मामले में दायर जनहित याचिका पर गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी व न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ ने सुनवाई की। खंडपीठ ने पुलिस की कार्यप्रणाली व स्कूल प्रबंधन की लापरवाही पर कड़ा रुख अख्तियार किया …

नैनीताल, अमृत विचार। रामनगर के बसई स्थित जेएसआर स्पेशल स्कूल से करीब एक माह पूर्व गायब हुए बच्चे के मामले में दायर जनहित याचिका पर गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी व न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ ने सुनवाई की। खंडपीठ ने पुलिस की कार्यप्रणाली व स्कूल प्रबंधन की लापरवाही पर कड़ा रुख अख्तियार किया है।

खंडपीठ ने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार न्यायिक, याचिकाकर्ता के अधिवक्ता, सरकारी अधिवक्ता और स्थानीय पुलिस अधिकारी से गुरुवार को ही स्कूल का मौका मुआयना कर बच्चों व उनके अभिभावक और अध्यापकों के बयान दर्ज कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए। साथ ही एसएसपी नैनीताल एवं एसएचओ रामनगर से कोर्ट में आज शुक्रवार को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश दिए हैं।

मामले की सुनवाई के लिए 23 सितंबर की तिथि नियत की गई है। मामले के अनुसार, रोशनी सोसाइटी, हल्द्वानी ने दायर याचिका में बताया कि बसई स्थित इस स्कूल को राज्य सरकार से आर्थिक सहयोग मिलता है। इस स्कूल में अनाथ अनाम नामक बच्चे को चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी द्वारा भर्ती कराया गया था। यह बच्चा सही तरीके से बोल नहीं पाता था, जो विगत 12 अगस्त को स्कूल से गायब हो गया था। एक अन्य बच्चे ने भी स्कूल के अध्यापकों पर आरोप लगाया था कि अध्यापक उनको मारते हैं। शाम को उस बच्चे का सिर फटा पाया गया। पता करने पर स्कूल प्रबंधन द्वारा कहा गया कि वह झूले से गिर गया था।

स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चे की गुमशुदगी नौ सितंबर को 25 दिन बाद दर्ज कराई गई। पुलिस ने कहा कि इसमें रिपोर्ट दर्ज करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि कोई अपराध नहीं हुआ है। इन घटनाओं का संज्ञान बाल सुधार आयोग ने लिया और एसएसपी नैनीताल को निर्देश दिए कि घटनाओं की रिपोर्ट से शीघ्र अवगत कराएं परन्तु अभी तक कोई उत्तर एसएसपी की तरफ से नहीं दिया गया। याचिका में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि अगर कोई बच्चा कैसे भी गायब हुआ हो, पुलिस उसका मुकदमा अपहरण में दर्ज करे, परन्तु पुलिस ने अभी तक इसमें मुकदमा दर्ज तक नहीं किया।

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