अल्मोड़ा: लंपी बीमारी के मद्देनजर पशुपालन विभाग अलर्ट, टीकाकरण शुरू
अल्मोड़ा, अमृत विचार। लंपी के चलते पशुपालन विभाग अलर्ट मोड पर है। पशुओं को इस बीमारी से बचाने के लिए जिले में टीकाकरण अभियान चल रहा है। जिले के अब तक 2809 पशुओं का टीकाकरण हो चुका है। जिले में फिलहाल कोई भी पशु इस बीमारी के चपेट में नहीं आया है। बीमारी के मद्देनजर …
अल्मोड़ा, अमृत विचार। लंपी के चलते पशुपालन विभाग अलर्ट मोड पर है। पशुओं को इस बीमारी से बचाने के लिए जिले में टीकाकरण अभियान चल रहा है। जिले के अब तक 2809 पशुओं का टीकाकरण हो चुका है। जिले में फिलहाल कोई भी पशु इस बीमारी के चपेट में नहीं आया है। बीमारी के मद्देनजर नोडल अधिकारी भी जिले में डेरा जमाए हैं।
लंपी स्किन बीमारी पशुओं में तेजी के साथ फैलती है। पशुपालन विभाग के उच्चाधिकारियों के मुताबिक पशुओं में वायरस आने पर उनके शरीर में जगह जगह गांठें बन जातीं हैं। पशुओं को तेज बुखार हो जाता है। इसके चलते पशु चारा खाना भी छोड़ देते हैं। यह वायरस पशुओं में मक्खी, मच्छर, पशु से पशु का संपर्क, पशु की लार आदि से तेजी से फैलता है। यह वायरस पशुओं की वायरल बीमारी है जो मनुष्य में नहीं फैलती है। इस बीमारी के चपेट में आने से पशुओं में दुग्ध उत्पादन कम हो जाता है। लंपी स्किन बीमारी के मद्देनजर पशुपालन विभाग जिले में 2809 पशुओं का टीकाकरण कर चुका है।
जिले के सभी विकासखंडों के लिए अलग अलग सात सदस्यीय टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें गांव गांव, घर घर जाकर पशुओं का टीकाकरण कर रही हैं। विभाग ने इस बीमारी से बचाव के लिए डा. डीसी गुरुरानी को जिले का नोडल अधिकारी बनाया गया है। वह जिले में रहकर नजर बनाए रखे हैं। इधर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. उदयशंकर ने बताया कि लंपी स्किन बीमारी का अभी जिले में कोई मामला नहीं आया है।
बागेश्वर, नैनीताल समेत अन्य जिलों के बार्डर से लगे गांवों में पशुओं का टीकाकरण अभियान जारी है। उन्होंने पशुपालकों को सलाह दी है कि बीमारी के मद्देनजर मैदानी क्षेत्रों से कोई भी पशु खरीद कर न लाएं। पशुओं को किसी भी तरह की बीमारी होने पर तुरंत नजदीकी पशु अस्पताल में जाकर संपर्क करें। उन्होंने पशुपालकों से अपील की है कि वह अपने पशुओं का टीकाकरण अनिवार्य रूप से कराएं।
