काशीपुर: राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में साई के चार धावक भरेंगे फर्राटा
काशीपुर, अमृत विचार। गुजरात में होने वाली राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में किसान व मजदूर परिवार से ताल्लुक रखने वाले काशीपुर भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के चार राष्ट्रीय धावक उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे। इसके लिए वह ट्रैक पर खूब पसीना बहा रहे हैं। 26 सितंबर से 10 अक्तूबर तक गुजरात में राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन …
काशीपुर, अमृत विचार। गुजरात में होने वाली राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में किसान व मजदूर परिवार से ताल्लुक रखने वाले काशीपुर भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के चार राष्ट्रीय धावक उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे। इसके लिए वह ट्रैक पर खूब पसीना बहा रहे हैं।
26 सितंबर से 10 अक्तूबर तक गुजरात में राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन किया जाएगा। इसमें मानपुर रोड निवासी लक्ष्मी प्रजापति 10 हजार मीटर, चामुंडा विहार कॉलोनी निवासी मोहन सैनी 5 हजार और 10 हजार मीटर, ग्राम खरमासा निवासी पायल 20 व 30 किमी वॉक दौड़, वाराणसी यूपी सांचे लाल पटेल 800 व 1500 मीटर में दौड़ के लिए चयन हुआ है। इनमें से मोहन भारतीय सेना, सांचे लाल नौसेना में अपनी सेवा दे रहे हैं।
चारों धावक काशीपुर साई सेंटर में वरिष्ठ एथलीट कोच चंदन सिंह नेगी से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। प्रतियोगिता में पदक हासिल करने के लिए लक्ष्मी, पायल, सांचे लाल बेंगलुरु और मोहन सेना के खेल मैदान में जीतोड़ मेहनत कर रहे हैं। कोच नेगी ने बताया कि चयनित धावक लगातार राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक हासिल करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि काशीपुर केंद्र में सिंथेटिक ट्रैक बनने के साथ राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं होने पर अंतर्राष्ट्रीय धावक तैयार हो सकेंगे। साई केंद्र प्रभारी ज्योति शाह, एथलीट कोच सीएस नेगी, ओमप्रकाश, ताइक्वांडो कोच नीरज कुमार, बॉक्सिंग कोच सिकंदर आदि ने धावकों को बधाई दी।
चारों किसान और मजदूर परिवार से रखते हैं ताल्लुक
चामुंडा विहार कॉलोनी निवासी मोहन सैनी ने बताया कि वर्ष 2013 से साई सेंटर से एथलेटिक्स का प्रशिक्षण लिया है। वह एक दर्जन राष्ट्रीय पदक प्राप्त कर चुके हैं। उनके पिता खेती करते हैं। पायल भी किसान परिवार से हैं। वह अब तक चार राष्ट्रीय पदक हासिल कर चुकी हैं। बावजूद इसके शासन की ओर से सरकारी सेवा करने का मौका नहीं मिल पा रहा है। लक्ष्मी बताती हैं कि पिता हीरालाल प्रजापति घोड़ा बुग्गी चलाते हैं, जिससे अर्जित आय से ही परिवार का भरण पोषण होता है। वह तीन राष्ट्रीय पदक हासिल कर चुकी हैं। जिसके दम पर साई बैंगलोर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है। उधर, सांचे लाल भी किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं।
25 धावक जीत चुके हैं राष्ट्रीय पदक
स्पोर्ट्स स्टेडियम परिसर 1993 में साई केंद्र की स्थापना हुई। तब से अब तक यहां से प्रशिक्षण का प्राप्त 25 धावक राष्ट्रीय पदक जीत चुके हैं। इसके अलावा करीब 250 धावक राज्य स्तर पर भी पदक जीत चुके हैं। सभी विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे हैं।
