उत्तराखंड: अंकिता के हत्यारोपी पुलकित आर्य के रिसॉर्ट पर बुलडोजर किसने चलाया? सवालों में घेरे में पुलिस प्रशासन की कार्रवाई

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Edited By Amrit Vichar
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पौड़ी, अमृत विचार। पौड़ी की बेटी अंकिता को इंसाफ देने के लिए उत्तराखंड की जनता सड़कों पर उतर आई है। हर कोई हत्यारे पुलकित आर्या और उसके साथी सौरभ भाष्कर और अंकित गुप्ता को फांसी के फंदे पर लटकाने की जिद पर अड़ा है। इस बीच मामले में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई सवालों के …

पौड़ी, अमृत विचार। पौड़ी की बेटी अंकिता को इंसाफ देने के लिए उत्तराखंड की जनता सड़कों पर उतर आई है। हर कोई हत्यारे पुलकित आर्या और उसके साथी सौरभ भाष्कर और अंकित गुप्ता को फांसी के फंदे पर लटकाने की जिद पर अड़ा है। इस बीच मामले में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है। रविवार को जनाक्रोश के बीच अंकिता का अंतिम संस्कार अलकनंदा नदी के एनआईटी घाट पर किया गया। देर शाम अस्पताल में भर्ती अंकिता की मां ने भी पुलिस प्रशासन पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जाहिर की थी, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इन सबके बीच हत्यारोपी पुलकित आर्या के रिसॉर्ट में रात के अंधेरे में हुए बुलडोजर एक्शन पर डीएम विजय जोगदंडे के बयान से कहानी में नया मोड़ आ गया है।

हत्यारोपी पुलकित आर्य के इसी रिसॉर्ट में चले बुलडोजर पर उठ रहे सवाल।

सवाल यह उठ रहा कि जब ध्वस्तीकरण के कोई लिखित आदेश नहीं थे और प्रशासन ने इस संपत्ति को सील कर दिया तो बुलडोजर चलाने वालों की मंशा क्या रही होगी। खुद अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी भी बेटी के कमरे में साक्ष्य नष्ट करने का आरोप लगा रहे हैं। हालांकि, इसके बाद उपजे हालात को संभालने के लिए पुलिस-प्रशासन और खुद सूबे के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी बयान जारी कर रहे हैं कि सभी साक्ष्य पहले ही सुरक्षित कर लिए गए थे।

उत्तराखंड पुलिस के आधिकारिक ट्वीट में स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री के आदेश पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की गई। जबकि पौड़ी के डीएम का बयान है कि उन्होंने रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलाने का कोई आदेश नहीं दिया था। क्योंकि बीते रविवार को तहसील प्रशासन की ओर से इस रिसॉर्ट को सील किया गया था।
डीएम ने इस मामले की जांच यमकेश्वर के एसडीएम प्रमोद कुमार को सौंपी है। हर कोई प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस-प्रशासन की गैरमौजूदगी में रिसॉर्ट में बुलडोजर चलाने के निर्णय पर सवाल खड़े कर रहा है। इससे सबूत नष्ट होने का अंदेशा और बढ़ गया है। मांग उठ रही है कि अगर साक्ष्य नष्ट हुए हैं तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही पौड़ी की बेटी के हत्यारों की चल-अचल संपत्ति जब्त करने की मांग भी उठ रही है।

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