कानपुर के पूर्व एसएसपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग
लखनऊ। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के एक अधिकारी ने हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के मामले में ढीला रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुये कानपुर के पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने कानपुर के चौबेपुर में हुई जघन्य वारदात के सिलसिले में पुलिस महानिदेशक हितेश चन्द्र अवस्थी को …
लखनऊ। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के एक अधिकारी ने हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के मामले में ढीला रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुये कानपुर के पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने कानपुर के चौबेपुर में हुई जघन्य वारदात के सिलसिले में पुलिस महानिदेशक हितेश चन्द्र अवस्थी को पत्र भेजकर तत्कालीन एसएसपी अनंत देव पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
अमिताभ ठाकुर की पत्नी एवं अधिवक्ता नूतन ठाकुर ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि अमिताभ ने चौबेपुर के बिकरू गांव में बदमाशों की गोलीबारी में शहीद बिल्हौर के पुलिस उपाधीक्षक देवेन्द्र मिश्र द्वारा तत्कालीन एसएसपी को भेजे एक पत्र का हवाला देते हुये कहा है कि इस पत्र में मिश्र ने अनंत देव को साफ़ तौर पर बताया था कि पूर्व थानाध्यक्ष चौबेपुर विनय तिवारी का विकास दुबे के पास आना जाना बना हुआ है।
विज्ञप्ति के अनुसार पत्र में देवेन्द्र मिश्र ने कहा कि पिछली 13 मार्च को चौबेपुर थाना में अभियुक्त विकास दूबे व अन्य के विरुद्ध दर्ज मुकदमा संख्या 65/2020 धारा 386, 147, 148, 323, 504, 506 आईपीसी के विवेचक अजहर इशरत ने धारा 386 को बेबुनियाद आधारों पर हटा दिया था।
दिवंगत सीओ द्वारा पूछताछ करने पर विवेचक ने बताया कि उन्होंने विनय तिवारी के कहने पर ऐसा किया था। मिश्र ने एसएसपी कानपुर नगर को इस पर कार्रवाई की संस्तुति की थी। अमिताभ ने कहा कि इस स्पष्ट पत्र के बाद भी अनंत देव द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किया जाना घोर प्रशासनिक कदाचार है और वे भी इस जघन्य घटना के लिए सीधे तौर पर उत्तरदायी हैं। इसलिये उन्होने डीजीपी से तथ्यों की जांच कराते हुए समुचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
