केजरीवाल को मोदी के विकल्प के रूप में पेश करने के लिए विधानसभा सत्र बुलाया: मजीठिया

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अमृतसर। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने मंगलवार को कहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कृषि क्षेत्र में संकट सहित पंजाब के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा छोड़कर, आप आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकल्प के रूप में पेश करने के एकमात्र …

अमृतसर। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने मंगलवार को कहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कृषि क्षेत्र में संकट सहित पंजाब के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा छोड़कर, आप आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकल्प के रूप में पेश करने के एकमात्र उद्देश्य से विधानसभा का सत्र बुलाया है। पूर्व मंत्री ने कहा कि यहां आप पार्टी के नेता संजय सिंह के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि के मुकदमे की सुनवाई में शामिल होने के लिए यहां आए थे।

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पत्रकारों से बातचीत करते हुए मजीठिया ने कहा कि पंजाबी यह बर्दाश्त नहीं करेंगे कि विधानसभा का इस्तेमाल आप पार्टी की अंदरूनी राजनीति के लिए किए जा रहा है। उन्होंने कहा , पंजाब को जिस तरह से आप पार्टी सरकार की दिल्ली से रिमोट कंट्रोल से चलाया जा रहा है, उससे पंजाबियों में पहले ही रोष है। वे इस बात से दुखी हैं कि सरकार किसानों को फसल के नुकसान का मुआवजा देने की बात तक नही कर रही, धान में बौने वायरस के प्रसार के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए कोई कार्रवाई नही की जा रही, डेयरी किसान जिनके दुधारू पशु लंपी स्किन की बीमारी के शिकार हो गए थे, तथा धान की सीधी बुवाई करने वाले किसानों को 1500 रुपये प्रति एकड़ की सब्सिडी जारी करने में नाकाम रहने के बारे में बात नही कर रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा को पंजाब से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए, न कि विश्वास प्रस्ताव पर जिसकी किसी ने मांग तक नही की है। मजीठिया ने हरियाणा की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा हरियाणा सिख गुरुद्वारा अधिनियम के गठन को जायज ठहराने वाले शीर्ष अदालत के फैसले के बारे में कहा, एसजीपीसी उच्चतम न्यायालय में मामला हार गई, क्योंकि पूर्ववर्ती कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार के साथ साथ वर्तमान आप पार्टी की सरकार ने अदालत में एसजीपीसी विरोधी रूख अपनाया था।

वरिष्ठ अकाली नेता ने किसानों से उस साजिश को समझने का आग्रह किया , जिसके तहत एसजीपीसी को तोड़ा जा रहा है। उन्होने कहा, सिखों और उनकी संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। अगर पंजाबियों ने इन साजिशों का विरोधी नहीं किया तो वह दिन दूर नही जब पंजाब का पानी छीन लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आप पार्टी ने पहले ही ऐसा करने के लिए आधार तैयार कर लिया है और वह इस मुद्दे पर हरियाणा सरकार के साथ गठबंधन कर रही है। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मनोहर लाल खट्टर सरकार के रूख का समर्थन किया और यहां तक कि अपनी पंजाब इकाई से इस कदम का विरोध नहीं करने के लिए दबाव डाल रहे हैं।

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