अल्मोड़ा: पॉक्सो मामले में अभियुक्त को आजीवन कारावास, 10 हजार का जुर्माना भी लगा
अल्मोड़ा, अमृत विचार। लैंगिक अपराध के एक मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश मलिक मजहर सुल्तान ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सजा के साथ साथ अभियुक्त को अर्थदंड के रूप में दस हजार रुपये भी जमा करने होंगे। अर्थदंड जमा ना करने पर अभियुक्त को छह माह के कठोर कारावास की सजा …
अल्मोड़ा, अमृत विचार। लैंगिक अपराध के एक मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश मलिक मजहर सुल्तान ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सजा के साथ साथ अभियुक्त को अर्थदंड के रूप में दस हजार रुपये भी जमा करने होंगे। अर्थदंड जमा ना करने पर अभियुक्त को छह माह के कठोर कारावास की सजा भी भुगतनी होगी।
अभियोजन कहानी के अनुसार आठ दिसंबर 2021 को वादी अपने काम से घर लौटी तो पीडि़ता अपने घर पर नहीं थी। वादी ने अपने पोतों से पीडि़ता के बारे में पूछा तो उन्होंने कोई जानकारी ना होने की बात कही। थोड़ी देर बाद पीडि़ता ने बताया कि वह खेलने गई हुई थी। पीडि़ता ने बताया कि अभियुक्त हरीश नाथ ने उसे अपने बुलया और अपने पीछे वाले कमरे में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। वादी द्वारा इस मामले में तहरीर मल्ली रियूनी तहसील रानीखेत के राजस्व निरीक्षक को सौंपी। वादी की रिपोर्ट के आधार पर अभियुक्त के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया।
पीड़िता का मेडिकल कराने के बाद उसके बयान दर्ज किए गए और अभियुक्त को उसके घर के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मामले की विवेचना बाद में महिला थाना अल्मोड़ा को सौंप दी गई। उपनिरीक्षक हेमा कार्की ने विवेचना पूर्ण कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। जिसका विचारण विशेष सत्र न्यायाधीश अल्मोड़ा के न्यायालय में चला। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता पूरन सिंह कैड़ा, विशेष लोक अभियोजक भूपेंद्र कुमार जोशी, जिला शासकीय अधिवक्ता शेखर चंद्र ल्वाल व अधिवक्ता अभिलाषा तिवारी ने इस मामले की सबल पैरवी की। साथ ही दस्तावेजी साक्ष्य भी न्यायालय में प्रस्तुत किए।
विशेष सत्र न्यायाधीश ने पत्रावली में मौजूद मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों का परिशीलन कर अभियुक्त हरीश नाथ पुत्र लक्ष्मण नाथ निवासी ग्राम तल्ला रियूनी पर दोष सिद्ध करते हुए उसे पॉक्सो अधिनियम के तहत आजीवन कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा ना करने पर अभियुक्त को छह महीने का कठोर कारावास भी भुगतना होगा।
