बरेली: ऑटो चालाने के लिए हर दिन 20 रुपये की वसूली

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Edited By Amrit Vichar
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संजय शर्मा, बरेली। सालों से बंद पड़ी ऑटो यूनियन शहर में अचानक जिंदा हो गई है। कुछ दबंग ऑटो यूनियन की बात कहकर गुंडा टैक्स वसूलने पर उतर आए हैं। उन्होंने इसके लिए अपने छह गुर्गे वसूली को मैदान में उतार भी दिए हैं। चौकी और ट्रैफिक पुलिस से भी सेटिंग कर ली है और …

संजय शर्मा, बरेली। सालों से बंद पड़ी ऑटो यूनियन शहर में अचानक जिंदा हो गई है। कुछ दबंग ऑटो यूनियन की बात कहकर गुंडा टैक्स वसूलने पर उतर आए हैं। उन्होंने इसके लिए अपने छह गुर्गे वसूली को मैदान में उतार भी दिए हैं। चौकी और ट्रैफिक पुलिस से भी सेटिंग कर ली है और उनके लिए महीना भी तय कर दिया है। वरना पुलिस सब कुछ देखते हुए भी चुप नहीं बैठती। बीते छह दिनों से यह सैटेलाइट से लेकर श्यामगंज तक गुर्गे सड़कों पर घूमते नजर आ रहे हैं।

श्यामगंज में गुरुवार से अवैध टेंपो-मैजिक यूनियन भी चलनी शुरू हो गई है। यूनियन ने सेटेलाइट से लेकर श्यामगंज तक अपना अड्डा बना रखा है। सुबह से लेकर रात तक श्यामगंज से नरियावल जाने और आने वाले ऑटो चालकों से हर दिन 20 रुपये यूनियन के नाम पर ‘गुंडा टैक्स’ वसूला जा रहा है, जो चालक पैसा देने से मना करते हैं, उनके साथ मारपीट की जाती है और जबरन 20 रुपये ले लिए जाते है। खौफ से 120 ऑटो वाले खुद ही यूनियन में शामिल हो गए हैं।

20 रुपये देने के बाद यूनियन के लोग उनका नंबर लगाते हैं और जब पुलिस उन्हें पकड़ती है तो उससे भी बचाते हैं। पुलिस की चुप्पी इसलिए दिख रही है क्योंकि इसके लिए बारादरी पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के लिए महीना भी बांधा गया है। बताया गया है कि यह यूनियन सेमलखेड़ा, सूफी टोला और हजियापुर के कुछ दबंगों ने शुरू की है। इन लोगों ने ऑटो से उगाही करने के लिए छह गुर्गे भी लगा रख लिए हैं, जिन्हें चार सौ रुपये रोज दिहाड़ी देने की बात सामने आ रही है।

60 हजार रुपये किराए पर लिया प्लाट
सेटेलाइट और श्यामगंज के बीच में दबंगों ने एक प्लाट किराए पर लिया है। इस प्लाट का किराया 60 हजार रुपये महीना बताया जा रहा है। यहां पर ऑटो खड़े कर स्टैंड बनाया जाएगा। सेटेलाइट से सिटी, जंक्शन, कालीबाड़ी, श्यामगंज, किला, गांधी उद्यान समेत कहीं भी जाना होगा तो ऑटो को इसी खाली प्लाट के पास से होकर निकलना होगा, इसलिए यह खाली प्लाट वसूली के लिए मोटे किराए पर लिया गया है।

चौकी को छह और सिपाहियों को हजार-हजार
जानकार बताते हैं कि पुलिस किसी तरह से यूनियन वालों को परेशान न करे, इसलिए ऑटो यूनियन वालों ने बारादरी की एक चौकी के दरोगा और सिपाहियों से सेटिंग कर ली है। वह चौकी में छह हजार रुपये और बीट सिपाहियों को हजार हजार रुपये महीना देने को भी तैयार हो गए हैं। थाने के एक सिपाही ने सेटिंग करके यह यूनियन बनवाई है।

“मुझे ऑटो यूनियन बनने की कोई जानकारी नहीं है। इस तरह से कोई ऑटो चालकों से वसूली नहीं कर सकता। इस बारे में जानकारी जुटाई जाएगी और अगर कोई वसूली करता मिला तो उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।”
-सुभाष चंद्र गंगवार, एसपी ट्रैफिक

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