बरेली: यहां इलाज कराओगे तो मरीज से हाथ धो बैठोगे, जिला अस्पताल के कर्मचारियों ने मरीज को किया प्राइवेट अस्पताल के लिए रेफर

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। जिला अस्पताल में लोगों के बेहतर इलाज का दावा किया जाता है। लेकिन यहां के कर्मचारियों की प्राइवेट अस्पताल से कमीशन बनी होने के काऱण वह जिला अस्पताल में आने वाले मरीज को इलाज में लापरवाही का हबाला देकर प्राइवेट अस्पताल के लिए रेफर कर देते हैं। रविवार को भी ऐसा ही …

बरेली, अमृत विचार। जिला अस्पताल में लोगों के बेहतर इलाज का दावा किया जाता है। लेकिन यहां के कर्मचारियों की प्राइवेट अस्पताल से कमीशन बनी होने के काऱण वह जिला अस्पताल में आने वाले मरीज को इलाज में लापरवाही का हबाला देकर प्राइवेट अस्पताल के लिए रेफर कर देते हैं। रविवार को भी ऐसा ही मामला सामने आया है।

ये भी पढ़ें- बरेली: ड्यूटी करने गए डॉक्टर की अस्पताल में मौत, पत्नी ने लगाया हत्या का आरोप

बता दें एक मजदूर पेड़ काटने के दौरान घायल हो गया था। परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे वहां मौजूद कर्मचारी ने परिजनों को डराया यहां इलाज कराओगे तो मरीज से हाथ धो बैठोगे। जिसके बाद परिजन मरीज को शहर के निजी अस्पताल में ले गए। वहां लापरवाही होने पर परिजनों ने हंगामा काटा। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों का समझौता कराया तब परिजन मरीज की छुट्टी करा कर ले गए।

इज्जनतनगर के बिहारमान नंगला निवासी 60 वर्षीय अफसर पेड़ काटने का काम करते हैं। रविवार को वह ठेकेदार मल्लू के साथ पेड़ काटने गके थे। जहां वह घायल हो गए, इस दौरान ठेकेदार घायल अवस्था मे उन्हें घर पर छोड़ कर चला गया। घायल अफसर के परिवार वाले उनको उपचार के लिए जिला अस्पताल ले कर गए। उनके बेटे इमरान और उसकी पत्नी अमरीन ने बताया दिन में दो बजे के समय जैसे ही वह अफसर को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे वहां मौजूद एक कर्मचारी ने बताया कि जिला अस्पताल में मरीजों का इलाज सही तरह से नहीं किया जाता है। मरीज को प्राइवेट अस्पताल में ले जाओ।

उसने परिजनों को सुरेश शर्मा नगर से संजय नगर जाने वाली रोड पर एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराने को कहा तो वह प्राइवेट अस्पताल में ले गए। आरोप है वहां डॉक्टर ने मरीज को भर्ती कराते ही उनसे 25 हजार रुपए जमा करा लिए। दोपहर तक एक लाख रुपए से ऊपर का बिल बना दिया और मरीज को कोई फायदा भी नहीं हुआ। जिस पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। अस्पताल में हंगामे की सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंच गई।

इस बीच पुलिस के समझाने पर परिजन अस्पताल के दस हजार रुपए जमा कर मरीज को वहां से ले गए। अस्पताल के डॉक्टर का कहना है कि मरीज के इलाज में ज्यादा खर्च आ रहा था। उन लोगों ने उपचार के जायज रुपए बताए थे। इस घटना से एक बात साफ हो गई है कि जिला अस्पताल में प्राइवेट अस्पताल के दलाल भी सक्रिय हैं। जिस कारण जिला अस्पताल के कर्मचारियों से उनकी सांठ-गांठ रहती है। जिससे गरीबों को प्राइवेट अस्पताल में लूटा जा रहा है। वहीं जब इस मामले में जब सीएमओ डॉ बलवीर सिंह से बात करना चाही तो उनका फोन नहीं उठा।

ये भी पढ़ें- बरेली: पति से झगड़ा होने पर महिला ने खाया जहर, अस्पताल में भर्ती

 

संबंधित समाचार