बरेली: स्वचालित मशीनों में सैनेटाइजर ही नहीं
बेरली, अमृत विचार। जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में लगाई गईं स्वचालित सैनेटाइजर मशीनों में सैनेटाइजर ही नहीं रहता है। ऐसे में वहां पर आने वाले लोग अपने हाथों को सैनेटाइज नहीं कर पा रहे हैं। इससे कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। शहर में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार …
बेरली, अमृत विचार। जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में लगाई गईं स्वचालित सैनेटाइजर मशीनों में सैनेटाइजर ही नहीं रहता है। ऐसे में वहां पर आने वाले लोग अपने हाथों को सैनेटाइज नहीं कर पा रहे हैं। इससे कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ता ही जा रहा है।
शहर में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बीच जिला अस्पताल प्रशासन की बड़ी चूक सामने आई है। कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए अस्पताल प्रशासन ने पिछले माह स्वचालित सैनेटाइजर मशीन सीएमएस कार्यालय में लगवाई थीं, जिसमें तीन दिन से सैनेटाइजर ही खत्म हो गया है।
कुछ ऐसा ही हाल महिला अस्पताल में लगी सैनेटाइजर मशीन का है। दो दिन पहले महिला अस्पताल के लेबर रूम में प्रसूता के संक्रमित मिलने के बाद हड़कंप मचने पर आनन-फानन में लेबर रुम को सैनेटाइज करवा दिया गया, परंतु वहां मौजूद स्वचालित सैनेटाइजर मशीन में सैनेटाइजर की आपूर्ति करना भूल गए।
क्या है स्वचालित सैनेटाइजर मशीन
यह सैनेटाइजर मशीन हैं, जिसमें नोजल लगा होता हैं। नोजल के नीचे हाथ ले जाते ही अपने आप 3 से 5 सेकेंड के लिए सैनेटाइजर की बूंदे हाथ पर पड़ेगी। यह मशीन पूरी तरह संपर्क रहित हैं, जिससे स्वच्छता बनी रहती है। संक्रमण का खतरा कम होता हैं।
