शक्तिफार्म: शहर में लंपी वायरस की दस्तक, अस्पताल में पर्याप्त दवाइयां नहीं
शक्तिफार्म, अमृत विचार। मवेशियों में तेजी से फैले लंपी वायरस जनित त्वचा रोग ने अब शक्तिफार्म में भी दस्तक दे दी है। शक्तिफार्म के गुरुग्राम, रुदपुर और गोविंद नगर में भी लंपी त्वचा रोग के चार सक्रिय केस पाए गए हैं। बावजूद इसके अस्पताल में लंपी वायरस के गंभीर स्थिति से निपटने के लिए न …
शक्तिफार्म, अमृत विचार। मवेशियों में तेजी से फैले लंपी वायरस जनित त्वचा रोग ने अब शक्तिफार्म में भी दस्तक दे दी है। शक्तिफार्म के गुरुग्राम, रुदपुर और गोविंद नगर में भी लंपी त्वचा रोग के चार सक्रिय केस पाए गए हैं। बावजूद इसके अस्पताल में लंपी वायरस के गंभीर स्थिति से निपटने के लिए न तो डॉक्टर और न ही दवाइयां उपलब्ध हैं।
पशु चिकित्सालय के कर्मियों ने बताया कि यहां तैनात चिकित्साधिकारी चिकित्सा अवकाश पर गई हैं जिसके चलते बरा के चिकित्सक को यहां का चार्ज दिया गया है। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी वह आज तक शक्तिफार्म नहीं पहुंचे। ऐसे में पूरे क्षेत्र का टीकाकरण एवं उपचार सिर्फ फार्मासिस्ट और दो पशुधन प्रसार अधिकारी के जिम्मे है। गुरुग्राम निवासी कृष्णपद सरदार ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से उसकी गाय लंपी वायरस से संक्रमित है और उसके पूरे शरीर पर बड़ी-बड़ी गांठे बन गई हैं। जिसके इलाज के लिए उसने पशु अस्पताल शक्तिफार्म में संपर्क किया। इलाज के लिए पहुंचे पशु चिकित्सा कर्मी ने प्रत्येक विजिट पर दवाइयों के नाम पर चार सौ से पांच सौ रुपए वसूले।
चिकित्सा अवकाश पर गई चिकित्साधिकारी डॉ. मालिनी पंत ने फोन वार्ता में बताया कि अस्पताल में लंपी वायरस के गंभीर स्थिति से निपटने के लिए ऑक्सीटेटरासाइक्लिन, इम्यूनिटी बूस्टर, मल्टीविटामिंस टॉनिक, एंटीबायोटिक, हाईटेक जैसी प्रभावी दवाइयां उपलब्ध नहीं है। जिस कारण पशुओं की गंभीर अवस्था में उन्हें बाहर से दवाइयां खरीदकर उपचार दिया जा रहा है। फार्मासिस्ट अजय मेवाड़ी ने बताया कि लंपी वायरस की रोकथाम के लिए टीकाकरण के तीन टीमों का गठन किया है। उन्होंने बताया कि विभाग से उन्हें कुल 3500 वैक्सीन की डोज उपलब्ध कराई गई थी जिसमें से लगभग 3200 वैक्सीन लगाई जा चुकी हैं।
