बाराबंकी: एनएचएआइ के ड्रेन न बनाने से फिर डूबी फसलें
माती/ बाराबंकी, अमृत विचार। एनएचएआई द्वारा माती में किसान पथ की खाजा ड्रेन न बनाने से एक बार फिर जलभराव का संकट खड़ा हो गया है। इसके चलते फसलें डूब कर सड़़ रही हैं। जलप्लावन संकट लगातार 4 वर्षों से किसान झेल रहे हैं। मगर एनएचआई प्रशासन ड्रेन निर्माण मुद्दे पर बजाय गंभीर होने के …
माती/ बाराबंकी, अमृत विचार। एनएचएआई द्वारा माती में किसान पथ की खाजा ड्रेन न बनाने से एक बार फिर जलभराव का संकट खड़ा हो गया है। इसके चलते फसलें डूब कर सड़़ रही हैं। जलप्लावन संकट लगातार 4 वर्षों से किसान झेल रहे हैं। मगर एनएचआई प्रशासन ड्रेन निर्माण मुद्दे पर बजाय गंभीर होने के टालता जा रहा है। इसे लेकर किसानों में बेहद रोष है।
बंकी व देवा ब्लॉक के दर्जनों गांव मुजफ्फरमऊ, डुबकी पुरवा,जमुआसी महाशय नगर, पंखा भारी जरूआ, प्रेम नगर, टिकरिया,नई मऊ,दयाल पुरवा आदि गांव की हजारों हेक्टेयर फसलें बारिश के पानी से डूब गई हैं। चारों ओर नहर व अल्पिकाओं के बांध होने से जलनिकास का कोई विकल्प नहीं है। इसके चलते क्षेत्र की हजारों हेक्टेयर फसलें डूब गई हैं।
ग्रामवासियों की शिकायत है कि 50 वर्ष पहले सिंचाई विभाग द्वारा बनाई गई इंदिरा नहर के खारजा ड्रेन और पुलिया मिटाकर उसी के ऊपर किसान पथ बना दिया गया, जिससे ऐसी हालत पैदा हो गई। इससे किसान हर साल भारी फसल-हानि की मार झेल रहे हैं। जिला प्रशासन ने सितम्बर 2019 में एनएचएआई को ड्रेन बनाने के निर्देश भी दिए थे। मगर एनएचएआई ने बीती 9 जुलाई को निशानदेही के नाम खम्भे लगाकर काम रोक दिया था।
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