बरेली: युवाओं पर मंडराया डिप्रेशन का खतरा, बढ़े रोगी
बरेली, अमृत विचार। जिले के युवाओं में चिंता, बेचैनी, नींद न आने, ओवर थिंकिंग और डिप्रेशन की समस्या बढ़ी है। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों की बढ़ती संख्या को देखकर ऐसा कहा जा सकता है। इसकी मुख्य वजह शिक्षा और रोजगार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा है। मनोचिकित्सक ऐसे रोगियों की काउंसिलिंग करते हैं। ये भी …
बरेली, अमृत विचार। जिले के युवाओं में चिंता, बेचैनी, नींद न आने, ओवर थिंकिंग और डिप्रेशन की समस्या बढ़ी है। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों की बढ़ती संख्या को देखकर ऐसा कहा जा सकता है। इसकी मुख्य वजह शिक्षा और रोजगार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा है। मनोचिकित्सक ऐसे रोगियों की काउंसिलिंग करते हैं।
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जिला अस्पताल के मानसिक रोग विभाग में बीते एक वर्ष में 3824 मरीजों ने इलाज करवाया, जिसमें से करीब 20 फीसदी युवा एंजाइटी, ओवर थिंकिंग और डिप्रेशन की समस्या लेकर पहुंचे थे। हालांकि, ज्यादातर युवा इन समस्याओं से उबर चुके हैं। मानसिक रोग विभाग के डा. आशीष कुमार के मुताबिक कई बार सामान्य बुखार और जुकाम की तरह ही छोटी मोटी मानसिक समस्याओं से हम गुजरते हैं और इसका इलाज नहीं कराते हैं।
हमें ऐसी समस्याओं पर तुरंत डाक्टर को दिखाना चाहिए। इसी जागरूकता के लिए प्रत्येक वर्ष 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। डा. आशीष ने बताया कि अस्पताल की ओपीडी में आए 20 से 25 और 29 से 30 साल के युवा बेरोजगारी, रिलेशनशिप, परिवार के साथ एडजस्ट न कर पाना जैसी समस्याओं के साथ आते हैं। अगर सही समय पर काउंसिलिंग और इलाज किया जाए तो उनके लिए नई राह खुल सकती है।
विभाग की मनोचिकित्सक खुशअदा ने बताया कि कुछ युवा प्रतियोगी परीक्षा में फेल होने पर निराश हो जाते हैं। खुद को अकेला समझने लगते हैं। इस स्थिति में उनकी काउंसिलिंग की जाती है और बताया जाता है कि जिंदगी में बी और सी ऑप्शन भी होते हैं। कुछ केसों में बच्चे को आगे पढ़ाई या कोई प्रोफेशनल कोर्स करने की भी सलाह दी जाती है।
उन्हें बताया जाता है कि रियलिटी में रहें और किसी से खुद की तुलना न करें। कुछ युवा अपने नए रिलेशनशिप में एडजेस्ट न कर पाने की भी दिक्कत बताते हैं। उन्हें भी समस्या से परेशान होने की जगह समस्या का सामना करने के रास्ते बताए जाते हैं।
डिप्रेशन के ये हैं लक्षण
– व्यक्ति हमेशा उदास रहता है
– खुद उलझन में और थका-हारा महसूस करता है
– आत्मविश्वास की कमी दिखती है
– किसी भी कार्य में ध्यान केंद्रित नहीं कर पाता है
– खुद को परिवार एवं भीड़ वाली जगहों से दूर और अकेले रखना पसंद करता है
बचने के उपाय
– जीवनशैली में बदलाव लाना चाहिए। पूरी नींद लेनी चाहिए। ऐसे फलों और सब्जियों का अधिक सेवन करना चाहिए, जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो
– पोषक आहार लेना चाहिए, जिसमें शरीर के लिए जरूरी विटामिन व खनिज होंं
– जंक फूड से दूर रहें। इसकी जगह सलाद, बादाम आदि का सेवन करें।
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