नेताजी को था पहलवानी का शौक, इस वजह से रखा राजनीति में कदम

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव का आज निधन हो गया है। बता दें ब्‍लड प्रेशर और सांस लेने में तकलीफ के चलते उनकी त‍बीयत लंबे समय से नाजुक थी, जिसके बाद आज उन्होंने 82 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। मुलायम सिंह यादव तीन …

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव का आज निधन हो गया है। बता दें ब्‍लड प्रेशर और सांस लेने में तकलीफ के चलते उनकी त‍बीयत लंबे समय से नाजुक थी, जिसके बाद आज उन्होंने 82 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। मुलायम सिंह यादव तीन बार उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री रह चुके थे। उनके निधन पर राज्‍य में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है।

ये भी पढ़ें- अमित शाह ने अस्पताल पहुंचकर दी नेता जी को श्रद्धांजलि, अखिलेश रहे मौजूद, कहा- भारतीय राजनीति के एक युग का अंत

बता दें मुलायम सिंह यादव का जन्‍म 22 नवंबर, 1939 को यूपी के इटावा में हुआ था। बचपन में उनके पिता सुघर सिंह उन्‍हें पहलवान बनाना चाहते थे क्योंकि उन्‍हें पहलवानी का काफी शौक था। वहीं उनके स्‍कूल शिक्षक उदय प्रताप सिंह को उनका पहलवानी पर ज्‍यादा ध्‍यान देना पसंद नहीं था और वे उन्‍हें लगातार पढ़ाई की ओर ध्‍यान देने के लिए प्रेरित करते थे। बता दें उन्‍होंने इटावा, फतेहाबाद और आगरा से अपनी पढ़ाई की।

उन्‍होंने 1955 में मैनपुरी के करहल स्थित जैन इंटर कॉलेज में एडमिशन लिया और 1959 में यहीं से अपनी बैचलर ऑफ टीचिंग की डिग्री ली। साल 1963 में वे इसी कॉलेज में असिस्‍टेंट टीचर के तौर पर पढ़ाने लगे। वे हाईस्‍कूल में हिंदी और इंटर में सामाजिक विज्ञान पढ़ाया करते थे। जानकारी के मुताबिक, उस समय वह 120 रुपये महीने सैलरी पर पढ़ाते थे। वहीं पॉलिटिकल साइंस में उन्होंने एमए की डिग्री आगरा विश्वविद्यालय से ली।

वहीं ये बताया जाता है कि मुलायम सिंह का पढ़ाने का तरीका एकदम अलग था। बच्‍चों को उनके पढ़ाने का तरीका बेहद पसंद था। अपने मस्‍त अंदाज की वजह से वे कभी बच्‍चों से सख्‍त नहीं होते थे। कुछ साल पढ़ाने के बाद वह राजनीति में कूदे और 1967 में पहली बार यूपी के जसवंत नगर से विधायक बने। बता दें वे 8 बार विधायक और 7 बार लोकसभा लोकसभा सांसद निर्वाचित हुए। वह 1996 से 1998 तक देश के रक्षामंत्री भी रहे।

ये भी पढ़ें- मन से मुलायम…इरादे लोहा…ऐसे थे नेता जी: जब CM की कुर्सी पर बैठे अखिलेश की मंच पर ही लगा दी थी डांट

 

संबंधित समाचार