ठाकरे गुट को पता था कि निर्वाचन आयोग के समक्ष उसका मामला कमजोर है: फडणवीस

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता देवेंद्र फडणवीस ने निर्वाचन आयोग के समक्ष सुनवाई के दौरान उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट पर जानबूझकर समय बर्बाद करने का सोमवार को आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ठाकरे खेमे को पता था कि उसका मामला कमजोर है। निर्वाचन आयोग ने तीन नवंबर …

मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता देवेंद्र फडणवीस ने निर्वाचन आयोग के समक्ष सुनवाई के दौरान उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट पर जानबूझकर समय बर्बाद करने का सोमवार को आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ठाकरे खेमे को पता था कि उसका मामला कमजोर है। निर्वाचन आयोग ने तीन नवंबर को अंधेरी ईस्ट विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में शिवसेना के उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे नीत दोनों गुटों के पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न का उपयोग करने पर शनिवार को पाबंदी लगा दी थी।

ये भी पढ़ें- गुजरात ‘शहरी नक्सलियों’ को युवाओं का जीवन बर्बाद करने नहीं देगा: पीएम मोदी

पार्टी के दोनों गुटों द्वारा नाम और चुनाव चिन्ह पर दावा किए जाने की पृष्ठभूमि में एक अंतरिम आदेश जारी कर निर्वाचन आयोग ने दोनों से कहा था कि वे सोमवार तक अपनी-अपनी पार्टी के लिए तीन-तीन नए नाम और चुनाव चिन्ह सुझाएं। फडणवीस ने यहां संवाददाताओं से कहा, ठाकरे गुट को पता था कि निर्वाचन आयोग के समक्ष उसका मामला कमजोर है। ठाकरे गुट ने जानबूझकर सुनवाई की तारीख स्थगित कराई, लेकिन, स्थगन का मतलब यह नहीं है कि आप कानून से बच सकते हैं।

उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि जब भी कोई निर्णय शिवसेना (ठाकरे गुट) और कांग्रेस के खिलाफ जाता है तो वे आरोप लगाते हैं कि केंद्रीय एजेंसियों या स्वतंत्र निकायों पर दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने कहा, किसी को यह नहीं भूलना चाहिए कि निर्वाचन आयोग ने अंतरिम आदेश दिया है, न कि अंतिम निर्णय। भाजपा नेता ने कहा कि पिछले 25 साल में जब भी इस तरह पार्टी टूटने के मामले सामने आए हैं, आयोग ने चुनाव चिन्ह और पार्टी के नाम के इस्तेमाल पर रोक लगाई है।

ये भी पढ़ें- महाराष्ट्र में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का स्वागत कर सकते हैं शरद पवार

 

 

 

 

 

 

संबंधित समाचार