बरेली: कोविड जांच के नाम पर खेल, महीनों से कमरे में कैद सैंपल

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बरेली, अमृत विचार। जिले में कोरोना का प्रकोप अभी थमा नहीं है। शासन की ओर से अधिक से अधिक लोगों की कोरोना जांच करने का आदेश जारी किया गया है, लेकिन 300 बेड अस्पताल के एक कमरे में करीब तीन माह से कोरोना सैंपल के कन्साइंमेंट धूल फांक रहे हैं, लेकिन इन्हें जांच के लिए …

बरेली, अमृत विचार। जिले में कोरोना का प्रकोप अभी थमा नहीं है। शासन की ओर से अधिक से अधिक लोगों की कोरोना जांच करने का आदेश जारी किया गया है, लेकिन 300 बेड अस्पताल के एक कमरे में करीब तीन माह से कोरोना सैंपल के कन्साइंमेंट धूल फांक रहे हैं, लेकिन इन्हें जांच के लिए नहीं भेजा गया है। मामला उजागर होने पर अफसरों में खलबली मच गई है।

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300 बेड अस्पताल के कमरे में 20 से अधिक कोरोना जांच सैंपल के कन्साइंमेंट रखे हुए हैं, जिन पर अगस्त, सितंबर और अक्टूबर माह की तिथियां अंकित हैं, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अगस्त से ही इन बॉक्स को लैब न भेजकर यहां खराब होने के लिए डाल दिया गया है।

अधिकारियों ने पैर से कुचले थे सैंपल

सैंपल खराब होने का यह कोई नया मामला नहीं है। इससे पूर्व करीब एक साल पहले जब कोरोना का भीषण प्रकोप जारी था। इस दौरान भी यहां बड़ी संख्या में सैंपल जांच को न भेजकर एक कमरे में खराब होने के लिए डाल दिए गए थे। मामला उजागर होने के बाद अफसरों ने सैंपलों को पैर से कुचला था। वीडियो वायरल होने के बाद उच्चाधिकारियों ने जांच भी बैठाई थी।

शासन को भेजी जाने वाली रिपोर्ट पर उठ रहे सवाल

जब जिले की सीएचसी-पीएचसी पर आने वाले लोगों के कोरोना जांच सैंपल लैब भेजे ही नहीं जा रहे हैं तो रोजाना 3 से 4 हजार कोरोना जांच की रिपोर्ट जो विभाग की ओर से शासन को भेजी जा रही है, उसपर भी सवाल उठ रहे हैं।

जिस दौरान के यह सैंपल हैं, उस समय मैं लंबे अवकाश पर था। सैंपल क्यों नहीं भिजवाए गए, संबंधित से पूछताछ की जाएगी। वहीं उच्चाधिकारियों को भी मामले से अवगत कराया जाएगा। डॉ. अकीक, प्रभारी चिकित्साधिकारी, 300 बेड अस्पताल

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