फर्रुखाबाद: हत्या में सात दोषी, पांच को आजीवन कारावास, दो के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

फर्रुखाबाद। 19 साल पुराने हत्या के मुकदमे में विशेष अदालत एससीएसटी के न्यायाधीश महेंद्र सिंह ने सात लोगों को दोषी करार दिया। पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 25-25 हजार रुपये जुर्माना किया है। दो लोगों के कोर्ट में उपस्थित न होने पर उनकी पत्रावली अलग कर गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। दो …

फर्रुखाबाद। 19 साल पुराने हत्या के मुकदमे में विशेष अदालत एससीएसटी के न्यायाधीश महेंद्र सिंह ने सात लोगों को दोषी करार दिया। पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 25-25 हजार रुपये जुर्माना किया है। दो लोगों के कोर्ट में उपस्थित न होने पर उनकी पत्रावली अलग कर गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। दो आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में हत्या के आरोप से दोषमुक्त किया है।

मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव खजुरी निवासी बच्चन लाल जाटव के पुत्र रामनिवास का 17 नवंबर 2003 को मुकदमे की रंजिश में अपहरण हो गया था। उसकी हत्या कर शव को गायब कर दिया गया। ताऊ रामचरन ने गांव के शिवचरन, ऋषीपाल, अनीत, बादाम, रोशन, जर्मन, राजेंद्र, कॉलोनी नीब करोरी निवासी संजय, पावर हॉउस नीबकरोरी निवासी राजीव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर जहानगंज क्षेत्र में काली नदी तट पर बालू से दबे रामनिवास के कपड़े और जूते बरामद किए थे। विवेचक ने सभी के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कटियार ने दलीले पेश की। न्यायाधीश ने संजय और राजीव को साक्ष्य के अभाव में मुकदमे से दोषमुक्त कर दिया। शिवशरन, ऋषीपाल, अनीत, बादाम, रोशन, जर्मन, राजेंद्र को हत्या, एससीएसटी, अपहरण व साक्ष्य मिटाने के जुर्म में दोषी करार दिया।

निर्णय के समय मंगलवार को अनीत, बादाम, रोशन, जर्मन व राजेंद्र कोर्ट में उपस्थित हुए। इन सभी को सजा और जुर्माने से दंडित किया गया। शिवशरन व ऋषीपाल के कोर्ट में उपस्थित न होने पर उनकी पत्रावली अलग कर दी गई है। दोनों को गिरफ्तार कर पेश कराने के लिए गैर जमानती वारंट एसपी के पास भेजे हैं।

यह भी पढ़ें:-मुरादाबाद : नाबालिग से दुष्कर्म व हत्या के दोषी को आजीवन कारावास

संबंधित समाचार